पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शनिवार को बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) प्रमुख पशुपति कुमार पारस आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं।
तेजस्वी यादव ने यह बयान उस समय दिया जब वह रामविलास पासवान की जयंती पर पारस के पटना स्थित आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
पारस को लेकर तेजस्वी का बयान
तेजस्वी यादव ने कहा,
“पशुपति कुमार पारस महागठबंधन में शामिल होने के इच्छुक हैं। हम भी उन्हें और सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को अपने साथ जोड़ना चाहते हैं। मैंने इस भावना को महागठबंधन के अन्य सहयोगियों के साथ साझा किया है। इस संबंध में उचित समय पर औपचारिक घोषणा की जाएगी।”
तेजस्वी ने बताया पारस को ‘दिग्गज संगठन निर्माता’
राजद नेता ने आगे कहा,
“पारस जी एक अनुभवी संगठन निर्माता रहे हैं। मैं उन्हें तब से जानता हूं जब रामविलास पासवान जीवित थे। हमारे परिवारों के बीच हमेशा घनिष्ठ संबंध रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि हाल के दिनों में उन्होंने किस प्रकार की राजनीतिक परिस्थितियों का सामना किया है।”
NDA से अलग हो चुके हैं पारस
गौरतलब है कि पशुपति कुमार पारस ने हाल ही में खुद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग कर लिया था। उन्होंने न सिर्फ भाजपा के साथ दूरी बनाई, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। इसके बाद से ही उनके नए सियासी विकल्पों को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
बिहार की राजनीति में नई हलचल
तेजस्वी यादव का यह बयान बिहार की सियासत में एक नई हलचल पैदा कर रहा है, खासकर तब, जब अगले कुछ महीनों में राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू होने वाली हैं। यदि पारस महागठबंधन में आते हैं, तो यह दलित वोट बैंक को लेकर समीकरणों में अहम बदलाव ला सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पशुपति पारस की RJD और महागठबंधन में संभावित एंट्री, एनडीए के भीतर दलित प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकती है, वहीं महागठबंधन के लिए यह एक रणनीतिक लाभ भी साबित हो सकता है।


