Vaibhav Suryavanshi का धमाका: 14 साल की उम्र में युवा वनडे क्रिकेट का सबसे तेज शतक, कई रिकॉर्ड धराशायी

नई दिल्ली/लंदन। भारत अंडर-19 टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने शनिवार को इतिहास रचते हुए युवा वनडे (Youth ODI) क्रिकेट का सबसे तेज शतक जड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चौथे यूथ वनडे मुकाबले में सूर्यवंशी ने केवल 52 गेंदों में शतक बनाकर ना सिर्फ भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय युवा क्रिकेट में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवा लिया।

78 गेंदों में 143 रन की पारी, स्ट्राइक रेट 183

मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स जैसी आईपीएल टीमों की नजर में पहले से रहे सूर्यवंशी ने इस पारी में 13 चौके और 10 छक्के लगाए। उन्होंने मात्र 78 गेंदों में 143 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 183 रहा।

कामरान गुलाम और राज अंगद बावा का रिकॉर्ड टूटा

सूर्यवंशी ने पाकिस्तान के कामरान गुलाम का 2013 में बनाया रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने इंग्लैंड के ही खिलाफ 53 गेंदों में शतक जड़ा था। भारत की ओर से यह रिकॉर्ड पहले राज अंगद बावा के नाम था, जिन्होंने 2022 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में युगांडा के खिलाफ 69 गेंदों में शतक बनाया था।

सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज भी बने

वैभव सूर्यवंशी अब युवा क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 14 साल और 100 दिन की उम्र में कर दिखाया, जबकि पिछला रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाजमुल हुसैन शान्टो के नाम था (14 साल और 241 दिन)।

IPL और युवा टेस्ट में भी कर चुके हैं धमाल

  • आईपीएल 2025 में, सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए 35 गेंदों में शतक जड़कर सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बने थे।
  • उन्होंने चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया U-19 के खिलाफ टेस्ट मैच में 58 गेंदों में शतक बनाकर दूसरी सबसे तेज सेंचुरी का रिकॉर्ड भी हासिल किया था। इस सूची में सिर्फ इंग्लैंड के मोईन अली उनसे आगे हैं, जिन्होंने 2005 में 56 गेंदों में शतक बनाया था।

भारत 5 मैचों की सीरीज़ में 2-1 से आगे

इस अद्वितीय प्रदर्शन की बदौलत भारत अंडर-19 टीम ने 50 ओवर में 363/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया और सीरीज़ में 2-1 की बढ़त बना ली है।


Vaibhav Suryavanshi अब न सिर्फ भारत के क्रिकेट भविष्य की बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं, बल्कि उन्होंने यह भी दिखा दिया है कि कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और हुनर से उम्र की कोई सीमा नहीं होती।


 

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