तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला: पूछा – क्या बिहारियों को ही बार-बार नागरिकता साबित करनी होगी?

तेजस्वी यादव का सीएम नीतीश, बिहार सरकार और पुलिस पर हमला – बोले, “निक्कमी सरकार को हटाएंगे”

पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर तेजस्वी ने नीतीश सरकार को “निक्कमी” करार देते हुए जनता से आशीर्वाद मांगा और कहा कि ऐसी सरकार को अब हटाना जरूरी है।

बिहारियों की नागरिकता पर सवाल?
तेजस्वी यादव ने आधार और राशन कार्ड को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा – “क्या बिहार के करोड़ों आधार कार्ड-धारी अवैध भारतीय हैं? क्या करोड़ों राशन कार्ड-धारी फर्जी हैं?” उन्होंने कहा कि 14 करोड़ बिहारवासियों के दस्तावेजों को अवैध ठहराना एक बड़ी साजिश है।

उन्होंने लिखा – “तानाशाही इसे ही कहते हैं। बिहार नहीं सहेगा। हर बिहारी, केवल बिहारी ही अपनी नागरिकता का सबूत देगा। जबकि इन्हीं दस्तावेजों से 2024 में वोटिंग हुई है। अगर ये लिस्ट फर्जी है, तो फिर सरकार भी फर्जी है।”

तेजस्वी का सवाल – सिर्फ बिहार को क्यों देना पड़े नागरिकता का सबूत?
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि आखिर सिर्फ बिहार और बिहारी क्यों अपनी नागरिकता का सबूत दें? उन्होंने कहा कि राज्य के चार करोड़ से अधिक लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं। क्या चुनाव आयोग ने रेलवे से उनकी वापसी की व्यवस्था को लेकर बात की है? टिकट का खर्च कौन उठाएगा? क्या उन्हें कंफर्म टिकट मिलेगा?

उन्होंने कहा कि बिहार में दस्तावेज बनवाने में भ्रष्टाचार और देरी आम बात है। ऐसे में 20–22 दिनों में सब कुछ मुमकिन नहीं है। चुनाव आयोग द्वारा बिहारियों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

सिवान की घटना पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने हाल ही में सिवान में हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा – “सिवान में छह लोगों को गोली मारी गई, जिनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में शासन पूरी तरह विफल हो चुका है।”

तेजस्वी यादव के ये बयान चुनावी माहौल में नया सियासी ताप ला सकते हैं। विपक्ष जहां नीतीश सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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