“तेजस्वी ही होंगे महागठबंधन का चेहरा” – कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह का बड़ा बयान, विपक्ष में हलचल

पटना | 21 अप्रैल 2025: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने स्पष्ट किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ही महागठबंधन (INDI गठबंधन) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। उनका यह बयान राज्य की राजनीति में नई बहस और सियासी सरगर्मी पैदा कर रहा है।

INDI गठबंधन ने तेजस्वी को माना नेता

अखिलेश सिंह ने दावा किया कि हाल ही में आयोजित INDI गठबंधन की बैठक में सभी दलों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को अपना नेता स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान का वे पूरा समर्थन करते हैं, जिसमें खड़गे ने कहा था, “नीतीश कुमार सत्ता की लालसा में भाजपा के साथ चले गए हैं।”

चिराग पासवान के बयान को बताया जायज़

लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश सिंह ने कहा कि, “जो कोई भी बिहार से जुड़ा है, उसे राज्य की चिंता करनी ही चाहिए।” उन्होंने स्वीकार किया कि बिहार कई सामाजिक और विकास के मापदंडों पर पीछे चला गया है, और इस स्थिति को बदलने की जरूरत है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर तीखा हमला

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर निशाना साधते हुए अखिलेश सिंह ने कहा, “उन्होंने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं और उन्हें इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।”

बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग को बताया राजनीति से प्रेरित

उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि, “बीजेपी वहां असफल हो रही है, इसलिए ऐसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस तरह के मुद्दों पर संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।

ईवीएम पर राहुल गांधी का समर्थन

ईवीएम (EVM) को लेकर राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए अखिलेश सिंह ने कहा, “बैलेट बॉक्स से चुनाव कराना चाहिए।” उन्होंने कहा कि, “कई बार ईवीएम को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, इसलिए चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उस पर पुनर्विचार जरूरी है।”

बिहार की राजनीति में नई दिशा

अखिलेश सिंह के इन बयानों से यह साफ हो गया है कि महागठबंधन का नेतृत्व तेजस्वी यादव के हाथ में ही रहेगा, और आने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि भाजपा और NDA इसके जवाब में क्या रणनीति बनाते हैं।

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