“BPSC परीक्षा को मुद्दा बना कर अपने माता-पिता के कलंक को धोना चाहते है तेजस्वी”, मंगल पांडेय का राजद नेता पर हमला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आरोप लगाया कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा को मुद्दा बना कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने माता-पिता के कलंक को धोना चाहते है।

‘यादव को यह बताना चाहिए कि…’
पांडेय ने मंगलवार को कहा कि यादव को यह बताना चाहिए कि क्या यह सच नहीं है कि मुख्यमंत्री रहते जनवरी 1997 में लालू प्रसाद ने जिस डा. लक्ष्मी राय को बिहार लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया था, जिन्हें पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाना पड़ा था? उन्होंने कहा कि डॉ.लक्ष्मी राय 1996 में हुए इंजीनियरिंग एडमिशन घोटाला के आरोपी थे। डॉ.राय के खिलाफ घोटाले के आरोपों की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच चल रही थी, फिर भी लालू प्रसाद ने उन्हें बीपीएससी का चेयरमैन बना दिया। संगीन आरोपों एवं सबूतों के आधार पर वर्ष 2000 में सीबीआई ने इन्हें पद पर रहते गिरफ्तार किया था। बीपीएससी को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने वाले राम सिंहासन सिंह को चेयरमैन किसके कार्यकाल में (जुलाई 2004) में बनाया गया था? मोटी राशि वसूल कर प्रशासनिक पदाधिकारियों के पदों को किसके राज में बेचा गया था?

‘लालू राज में भ्रष्टाचारी को संरक्षण मिलता था’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बीपीएससी अभ्यर्थियों को लेकर घड़ियाली आंसू बहाने वाले तेजस्वी बताएं कि बीपीएससी के चेयरमैन रामसिंहासन सिंह सहित वहां के आठ कर्मियों को 2005 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)की सरकार बनने के बाद क्यों गिरफ्तार किया गया? पेपर लीक के बहाने बिहार के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने वाले यादव को एक बार अपने माता-पिता के कार्यकाल को याद कर लेना चाहिए। लालू राज में भ्रष्टाचारी को संरक्षण मिलता था। नीतीश राज में कार्रवाई होती है।

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