जनशक्ति जनता दल (JJD) के संस्थापक और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन से भले ही अपेक्षित नतीजे नहीं पा सके हों, लेकिन वे इससे निराश नजर नहीं आ रहे हैं। चुनावी झटके के बाद भी तेज प्रताप यादव ने साफ कर दिया है कि उनकी राजनीति यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि अब वे बिहार के बाहर भी अपने राजनीतिक विस्तार की तैयारी में जुट गए हैं।
पटना में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया कि जनशक्ति जनता दल आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी, वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि बिहार में इस समय विपक्ष कमजोर स्थिति में है, ऐसे में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने की जिम्मेदारी उनकी पार्टी निभाएगी। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही पूरे बिहार में राज्यव्यापी दौरे पर निकलेंगे, जहां आम लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उन्हें सरकार तक पहुंचाएंगे।
चुनावी हार को लेकर तेज प्रताप यादव ने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र का हिस्सा है और इससे किसी को हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह से निराश नहीं हैं, बल्कि पहले से ज्यादा ऊर्जा और सक्रियता के साथ राजनीति में आगे बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, यह दौर उनके लिए सीखने और संगठन को मजबूत करने का अवसर है।
अपनी पार्टी की रणनीति को लेकर तेज प्रताप यादव ने बताया कि जनशक्ति जनता दल केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कई राज्यों में संगठन का विस्तार किया जा रहा है। पार्टी की ओर से लगातार सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और पार्टी से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
पटना में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए तेज प्रताप ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को औपचारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अन्य राजनीतिक दलों के कई नेता भी जनशक्ति जनता दल से जुड़ रहे हैं, जिससे पार्टी का आधार तेजी से बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए तेज प्रताप यादव ने बताया कि दिल्ली में पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि इस जिम्मेदारी को एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को सौंपा गया है, जिसे पार्टी के वैचारिक और राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने अपने भाई और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चुनाव हारने के बाद निष्क्रिय हो गए हैं, जबकि वे खुद लगातार सक्रिय हैं और संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी तेज प्रताप यादव ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीबों के घर गिराने से पहले सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, खासकर सर्दियों के मौसम में। उन्होंने इसे मानवीय मुद्दा बताते हुए कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की ठोस योजना होनी चाहिए।
अपनी बात समाप्त करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि जहां कई राजनीतिक दलों के नेता चुनाव के बाद खामोश हो गए हैं, वहीं जनशक्ति जनता दल लगातार जनता के बीच सक्रिय है और आगे भी रहेगी। उनके अनुसार, आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियां और तेज होंगी और वे लोगों की आवाज को सड़क से सदन तक पहुंचाने का काम करेंगे।


