समस्तीपुर में एक ही ट्रैक पर रुकीं 4 ट्रेनें, यात्रियों में मची अफरातफरी, रेलवे ने बताया तकनीकी कारण

बिहार के समस्तीपुर जिले में शुक्रवार शाम उस वक्त कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया, जब यात्रियों को यह जानकारी मिली कि एक ही रेलवे ट्रैक पर चार ट्रेनें एक के पीछे एक खड़ी हैं। हाल के दिनों में हुए रेल हादसों को याद कर लोग किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से डर गए।


समस्तीपुर–बरौनी रेलखंड का मामला

यह घटना समस्तीपुर–बरौनी रेलखंड के अटेरन चौक के पास स्थित रेलवे गुमटी संख्या 50B के समीप हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले एक मालगाड़ी इस ट्रैक पर आकर रुकी। उसके ठीक पीछे धुरियान एक्सप्रेस खड़ी हो गई। कुछ ही देर में अवध एक्सप्रेस, राउरकेला–जयनगर एक्सप्रेस और क्लोन एक्सप्रेस भी उसी लाइन में एक के पीछे एक आकर रुक गईं।


लोगों की उमड़ी भीड़, यात्री हुए परेशान

अटेरन चौक रेलवे गुमटी 50B से लेकर कोरबद्धा गुमटी 50C तक ट्रेनों की कतार लग गई। एक साथ कई ट्रेनों के रुकने से स्थानीय लोग और यात्री हैरान रह गए। स्थिति को समझने के लिए आसपास के इलाकों में लोगों की भीड़ जुट गई।


रेलवे ने बताया— कोई खराबी नहीं, यह नई तकनीक का हिस्सा

इस मामले पर सफाई देते हुए रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह कोई तकनीकी खराबी या खतरे की स्थिति नहीं थी। दरअसल, समस्तीपुर–बरौनी रेलखंड पर एंटी ब्लॉक सिग्नल (ABS) प्रणाली लागू है, जिसके तहत ट्रेनों को नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से चलाया जाता है।

समस्तीपुर स्टेशन अधीक्षक नीलेश कुमार ने बताया कि स्टेशन पर मालगाड़ी के पहुंचने और लाइन खाली होने तक पीछे से आ रही ट्रेनों को निर्धारित सुरक्षित दूरी पर रोका गया था।


एंटी ब्लॉक सिग्नल (ABS) क्या है?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एंटी ब्लॉक सिग्नल सिस्टम एक आधुनिक सुरक्षा तकनीक है, जिससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारू बनता है। इस प्रणाली में रेलवे ट्रैक को छोटे-छोटे ब्लॉकों में बांटा जाता है। प्रत्येक ब्लॉक में सेंसर लगे होते हैं, जो यह जानकारी देते हैं कि आगे ट्रैक खाली है या नहीं।

  • हरा सिग्नल: आगे बढ़ने की अनुमति
  • लाल सिग्नल: ट्रेन को रोकने का निर्देश

अगर आगे का ट्रैक व्यस्त होता है, तो पीछे आ रही ट्रेनों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया जाता है।


टक्कर की कोई संभावना नहीं

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ABS प्रणाली के कारण एक ही ट्रैक पर कई ट्रेनों को खड़ा किया जा सकता है और इससे टक्कर की कोई आशंका नहीं होती। जैसे ही आगे का ट्रैक खाली होता है, ट्रेनों को क्रमवार रवाना किया जाता है।

स्टेशन अधीक्षक नीलेश कुमार ने कहा,
“यह एंटी ब्लॉक सिग्नल प्रणाली के तहत ट्रेन संचालन की सामान्य प्रक्रिया है। यात्रियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करती है।”


 

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