सुपौल में ईद की ड्यूटी पर तैनात 22 साल की महिला सिपाही की संदिग्ध मौत; बाथरूम में दुपट्टे से लटका मिला शव

HIGHLIGHTS: प्रखंड परिसर में मची अफरा-तफरी; मोबाइल चार्जिंग के बहाने गई थी ऋतु, फिर कभी वापस नहीं लौटी

  • सनसनीखेज वारदात: सुपौल के किशनपुर थाना में तैनात महिला कॉन्स्टेबल ऋतु कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
  • घटनास्थल: प्रखंड परिसर स्थित सभा भवन का बंद बाथरूम; दुपट्टे के फंदे से झूलता मिला शव।
  • ड्यूटी का दबाव?: ईद के मद्देनजर करीब 40 महिला सिपाहियों के साथ सभा भवन में रुकी हुई थी मृतका।
  • टाइमलाइन: शनिवार शाम 7:30 बजे मोबाइल चार्जिंग का बहाना बनाकर बाथरूम गई थी ऋतु; रात में हुआ खुलासा।
  • पृष्ठभूमि: भोजपुर जिले के पटखौली (सिकरहट्टा) की रहने वाली थी 22 वर्षीया ऋतु कुमारी।

सुपौल | 23 मार्च, 2026

​बिहार पुलिस का दामन एक बार फिर शोक और सवालों के घेरे में है। सुपौल जिले के प्रखंड परिसर में शनिवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब ईद की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक युवा महिला सिपाही की लाश संदिग्ध हालत में बरामद हुई। मृतका की पहचान भोजपुर जिले की रहने वाली ऋतु कुमारी (22 वर्ष) के रूप में हुई है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, ऋतु किशनपुर थाना में पदस्थापित थीं और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही थीं, लेकिन एक बंद बाथरूम के भीतर उनकी जिंदगी का खौफनाक अंत हो गया।

7:30 PM: “मोबाइल चार्ज करना है” और फिर खामोशी…

​शनिवार की शाम सबकुछ सामान्य था। ईद के त्यौहार को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और ऋतु करीब 40 अन्य महिला सहकर्मियों के साथ प्रखंड परिसर के सभा भवन में रुकी हुई थी। शाम करीब 7:30 बजे ऋतु ने अपनी सहेलियों से कहा कि वह मोबाइल चार्ज करने जा रही है और इसी बहाने वह बाथरूम की तरफ निकल गई।

​काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटी, तो उसकी तलाश शुरू हुई। जब बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला और कोई जवाब नहीं आया, तो अनहोनी की आशंका गहरा गई। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का मंजर देख हर कोई सन्न रह गया—ऋतु का शव दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ था।

VOB डेटा चार्ट: महिला सिपाही ‘ऋतु कुमारी’ केस की फाइल

  • मृतका का नाम: ऋतु कुमारी (उम्र 22 वर्ष)।
  • पद: सिपाही (कांस्टेबल), किशनपुर थाना, सुपौल।
  • निवासी: ग्राम- पटखौली, वार्ड-8, थाना- सिकरहट्टा, जिला- भोजपुर।
  • पिता का नाम: जितेंद्र प्रसाद गुप्ता।
  • वारदात का समय: शनिवार रात (करीब 7:30 बजे के बाद)।
  • घटनास्थल: सभा भवन परिसर का बाथरूम, प्रखंड परिसर, सुपौल।
  • प्रथम दृष्टया: दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या की आशंका (पुलिस जांच जारी)।

VOB का नजरिया: क्या ‘खाकी’ के नीचे दब रहे हैं जज्बात?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि ऋतु की मौत केवल एक पुलिसिया फाइल नहीं, बल्कि विभाग के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

  1. मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी: 22 साल की एक युवा सिपाही, जिसे अभी पूरा करियर देखना था, उसने ऐसा कदम क्यों उठाया? क्या त्यौहारों की लंबी ड्यूटी और परिवार से दूरी उसके मानसिक तनाव का कारण थी?
  2. संदिग्ध परिस्थितियां: बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन क्या पुलिस विभाग इसकी विस्तृत ‘फॉरेंसिक’ जांच कराएगा? क्या ऋतु ने मौत से पहले किसी को कॉल किया था या कोई सुसाइड नोट छोड़ा है?
  3. युवा सिपाहियों की स्थिति: अक्सर देखा गया है कि नए भर्ती हुए सिपाही काम के बोझ और घर की समस्याओं के बीच तालमेल नहीं बैठा पाते। क्या विभाग को इनके लिए ‘काउंसलिंग’ सत्र आयोजित करने चाहिए?

निष्कर्ष: सुशासन में ‘न्याय’ की पुकार

​घटना के बाद पूरे सुपौल पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच के आदेश दिए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और भोजपुर स्थित उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस दुखद घड़ी में ऋतु के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है।

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