
HIGHLIGHTS: बारसोई के समसपुर गांव में ‘कुत्ते’ की वफादारी की चर्चा; अपनी आंखों से देखी थी ‘लालच’ की वारदात
- जासूसी का कमाल: मोहम्मद शाकिर के पालतू कुत्ते ने शनिवार की रात चोरी होते देख लिया और चुपचाप चोरों के घर (मालतीपुर) तक पहुंच गया।
- सुबह का ‘एक्शन’: जब मालिक मवेशी गायब देख परेशान हुआ, तो कुत्ता उसे लेकर सीधे चोर के आंगन में जा खड़ा हुआ।
- बड़ी रिकवरी: चोरों के घर से 3 मवेशी बरामद; शाकिर के अलावा महेशपुर और बांसगांव के मवेशी भी मिले।
- पकड़े गए ‘दलाल’: ग्रामीणों ने इनामुल और मुजफ्फर को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
- पुलिसिया मुहर: आबादपुर थानाध्यक्ष शादाब अहमद ने कहा— “मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।”
बारसोई (कटिहार) | 23 मार्च, 2026
इंसान दगा दे सकता है, लेकिन जानवर नहीं। इस कहावत को कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड के समसपुर गांव के एक पालतू कुत्ते ने सच कर दिखाया है। शनिवार की रात जब दो चोरों ने मोहम्मद शाकिर की नींद और उनके मवेशी, दोनों उड़ा लिए, तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक ‘खामोश गवाह’ उनका पीछा कर रहा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की रिपोर्ट के अनुसार, इस वफादार कुत्ते ने न केवल अपने मालिक का नुकसान होने से बचाया, बल्कि इलाके में सक्रिय मवेशी चोरों के एक गिरोह का भी पर्दाफाश कर दिया।
आधी रात का वो ‘सीक्रेट’ मिशन: कुत्ते ने ऐसे बिछाया जाल
मामला शनिवार देर रात का है। समसपुर निवासी मोहम्मद शाकिर के घर से दो चोर मवेशी खोलकर भाग रहे थे। शाकिर का पालतू कुत्ता इस पूरी वारदात को देख रहा था। उसने भौंककर शोर मचाने के बजाय एक ‘जासूस’ की तरह चोरों का पीछा करने का फैसला किया। चोर मवेशी लेकर मालतीपुर गांव पहुंचे और अपने घर में बांध दिया, कुत्ता चुपचाप उनके घर को पहचान कर वापस अपने गांव आ गया।
रविवार की सुबह: कुत्ते के पीछे-पीछे ‘इंसाफ’ की तलाश
रविवार सुबह जब शाकिर की नींद खुली और मवेशी गायब मिले, तो गांव में कोहराम मच गया। तभी शाकिर का कुत्ता अजीबोगरीब हरकतें करने लगा और मालिक को एक खास दिशा में चलने का इशारा करने लगा।
शाकिर और कुछ ग्रामीण जब कुत्ते के पीछे-पीछे मालतीपुर गांव पहुंचे, तो कुत्ता सीधे इनामुल और मुजफ्फर के घर के बाहर जाकर रुक गया। जब ग्रामीणों ने अंदर जांच की, तो वहां से न केवल शाकिर का मवेशी मिला, बल्कि महेशपुर और बांसगांव से चोरी हुए दो अन्य मवेशी भी बरामद हुए। ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दोनों आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा।
VOB डेटा चार्ट: ‘डॉग-डिटेक्टिव’ केस की पूरी फाइल
- मुख्य नायक: मोहम्मद शाकिर का पालतू कुत्ता (समसपुर)।
- घटना का स्थान: समसपुर से मालतीपुर (बारसोई)।
- बरामदगी: 3 मवेशी (शाकिर, महेशपुर और बांसगांव के मालिकों के)।
- गिरफ्तार आरोपी: इनामुल और मुजफ्फर (निवासी- मालतीपुर)।
- पुलिस थाना: आबादपुर थाना, कटिहार।
- प्रमुख गवाह: मुखिया प्रतिनिधि अब्दुल वद्दु, सरपंच प्रतिनिधि मो. आरिफ और पूर्व सरपंच श्रीनाथ साहा।
VOB का नजरिया: क्या ‘हाई-टेक’ पुलिसिंग से बेहतर है ‘वफादारी’?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि बारसोई की यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है।
- पशु-प्रेम की ताकत: शाकिर ने अपने कुत्ते को पाला और उस जानवर ने वक्त आने पर अपनी जान जोखिम में डालकर चोरों का पीछा किया। यह इंसान और जानवर के अटूट रिश्ते का प्रमाण है।
- पुलिस के लिए चुनौती: आबादपुर थानाध्यक्ष शादाब अहमद ने त्वरित कार्रवाई की, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्षेत्र में मवेशी चोरी की घटनाएं लगातार क्यों हो रही हैं? क्या पुलिस को ग्रामीण क्षेत्रों में रात की गश्त बढ़ानी चाहिए?
- ग्रामीण सतर्कता: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिस तरह से कानून को हाथ में लिए बिना आरोपियों को पुलिस को सौंपा, वह सुशासन की दिशा में एक अच्छी पहल है।
निष्कर्ष: सलाखों के पीछे पहुंचे मवेशी चोर
फिलहाल, आबादपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और पीड़ित शाकिर के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पूरे बारसोई इलाके में इस ‘वफादार कुत्ते’ की बहादुरी के चर्चे हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ ऐसे वफादार जानवरों और जागरूक नागरिकों को सलाम करता है।


