गया, बिहार।अंधविश्वास ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के आज़ाद नगर गांव में ग्रामीणों ने जादू-टोना के शक में 45 वर्षीय प्रीत मांझी की निर्मम हत्या कर दी। भीड़ ने पहले पीटा, फिर पसुली से जीभ और प्राइवेट पार्ट काट डाले, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुई घटना
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार दोपहर प्रीत मांझी को बहाने से गांव बुलाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि हाल में हुई बिजली मांझी की मौत के पीछे प्रीत मांझी का “जादू-टोना” जिम्मेदार है। दर्जनभर लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर लाठियों और रॉड से पिटाई की, फिर धारदार हथियार से अंग काट दिए।
पुलिस के सामने भीड़ का तांडव
सूचना पर अतरी थाना पुलिस पहुंची और घायल प्रीत को वाहन में बैठाने लगी, लेकिन भीड़ ने पुलिस वाहन को घेर लिया और युवक को दोबारा खींचकर ले गई। पुलिस बल कम होने के कारण जवान पीछे हट गए, जिसके बाद भीड़ ने हत्या को अंजाम दिया और शव पर भी लाठियां बरसाईं।
जांच और गिरफ्तारियां
घटना के बाद इलाके में तनाव है। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है और शव को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है।
एसडीपीओ नीमचक बथानी सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि,
“यह हत्या ओझा-गुनी के शक में हुई है। चार संदिग्ध हिरासत में हैं, बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।”
पीड़ित परिवार डरा सहमा
मृतक की बहू ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी दी गई है कि जो भी प्रीत मांझी को बचाने की कोशिश करेगा, उसकी भी हत्या कर दी जाएगी। परिवार ने निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की है।


