पानी संकट से नाराज ग्रामीणों ने सुलतानगंज-देवघर मुख्य मार्ग किया जाम, आश्वासन के बाद खुला रास्ता

भागलपुर: भागलपुर जिले के सुलतानगंज प्रखंड अंतर्गत शिवनंदनपुर गांव में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा। वार्ड संख्या-8 में कई दिनों से जलापूर्ति बाधित रहने से परेशान ग्रामीणों ने सुलतानगंज-देवघर मुख्य मार्ग को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने, ग्रामीणों से बातचीत करने और जल्द समस्या के समाधान का भरोसा देने के बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया।

जानकारी के अनुसार शिवनंदनपुर पंचायत के वार्ड संख्या-8 में जल-नल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले कुछ समय से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच पानी की किल्लत ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित संवेदक को इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि जल-नल योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था, लेकिन वार्ड संख्या-8 में यह योजना पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पाइपलाइन कट जाने के कारण दर्जनों परिवारों को पीने के पानी के लिए दूसरे मोहल्लों या हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को रोजाना दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दिनों तक संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा। उनका कहना था कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत कर दी जाती तो उन्हें सड़क जाम जैसा कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि जलापूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए। उनका कहना था कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस मामले में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

सड़क जाम की सूचना मिलते ही सुलतानगंज थाना अध्यक्ष धनंजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत शुरू की। कुछ देर बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) को तत्काल निर्देश दिया गया है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जांच कर जल्द से जल्द मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति बहाल कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद सुलतानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका। हालांकि लोगों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जल-नल योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जब यह योजना बाधित होती है तो सबसे अधिक परेशानी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को होती है। कई घरों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को पीने, खाना बनाने और दैनिक कार्यों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं का नियमित निरीक्षण और रखरखाव बेहद जरूरी है। यदि पाइपलाइन या अन्य तकनीकी खराबियों को समय पर ठीक नहीं किया जाए तो छोटी समस्या भी बड़े संकट का रूप ले सकती है। इसलिए संबंधित एजेंसियों को नियमित मॉनिटरिंग करनी चाहिए ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन का सहारा न लेना पड़े।

प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और जल्द ही वार्ड संख्या-8 में जलापूर्ति सामान्य करने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्य पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी समस्या की सूचना सीधे प्रशासन को देने की अपील भी की।

फिलहाल शिवनंदनपुर गांव में स्थिति सामान्य है और सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चल रहा है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की ओर हैं कि पाइपलाइन की मरम्मत और जलापूर्ति बहाल करने का वादा कितनी जल्दी पूरा होता है। यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो जाता है तो गांव के सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी और उन्हें पेयजल संकट से निजात मिल सकेगी।

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