भागलपुर में शराब तस्करी पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 99 बोतल विदेशी शराब और बाइक जब्त; तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार

भागलपुर: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर पड़ोसी राज्यों से शराब की खेप बिहार पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं पुलिस भी ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 99 बोतल विदेशी शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। हालांकि कार्रवाई के दौरान मुख्य तस्कर मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस अब जब्त मोटरसाइकिल के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

यह कार्रवाई भागलपुर–दुमका मुख्य मार्ग स्थित अस्पताल चौक के समीप की गई, जहां पुलिस नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चला रही थी। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से शराब की खेप बिहार लाई जा सकती है। इसी को देखते हुए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई थी। जांच के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल तेज रफ्तार में आती दिखाई दी। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जैसे ही बाइक सवार ने पुलिस को देखा, वह घबरा गया और तेजी से निकलने की कोशिश करने लगा। जल्दबाजी में उसका संतुलन बिगड़ गया और उसकी मोटरसाइकिल पुलिस वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा। इसके बावजूद वह कुछ ही सेकंड में संभलकर मौके से भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन वह आसपास के इलाके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा।

घटना के बाद पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई मोटरसाइकिल की तलाशी ली। जांच के दौरान बाइक में छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस के अनुसार कुल 99 बोतल विदेशी शराब जब्त की गई, जिसकी मात्रा लगभग 19 लीटर है। बरामद शराब को जब्त कर मोटरसाइकिल सहित जगदीशपुर थाना लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि शराब की यह खेप झारखंड से भागलपुर लाई जा रही थी। संभावना जताई जा रही है कि इसे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से बेचने की तैयारी थी। हालांकि पुलिस अभी पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

घटना के बाद अस्पताल चौक इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि जहां नियमित रूप से पुलिस चेकिंग होती है, वहां तक शराब तस्कर आखिर कैसे पहुंच गया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि यदि चेकिंग पहले ही प्रभावी होती तो तस्कर शायद इतनी दूर तक नहीं पहुंच पाता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल चौक पर स्थायी पुलिस चेक पोस्ट मौजूद है, जहां एक पुलिस पदाधिकारी के साथ चार पुलिसकर्मी नियमित रूप से तैनात रहते हैं। इसके बावजूद शराब तस्कर का वहां तक पहुंच जाना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि लगातार निगरानी के कारण ही तस्कर पकड़ा गया और शराब की बड़ी खेप जब्त की जा सकी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शराब तस्कर अब बड़े वाहनों के बजाय मोटरसाइकिल और अन्य छोटे वाहनों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वे आसानी से पुलिस जांच से बच सकें। सीमावर्ती इलाकों में छोटे रास्तों और ग्रामीण संपर्क मार्गों का भी उपयोग किया जा रहा है। इसी कारण पुलिस अब ऐसे क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा रही है।

जगदीशपुर थाना अध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने 99 बोतल विदेशी शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर फरार तस्कर की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जब्त मोटरसाइकिल के स्वामित्व की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और क्या इसका उपयोग पहले भी शराब तस्करी में किया गया है। यदि जांच में किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए जिले में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। झारखंड की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में नियमित वाहन जांच की जा रही है। इसके अलावा गुप्त सूचनाओं के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है ताकि तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद राज्य पुलिस और उत्पाद विभाग लगातार संयुक्त अभियान चला रहे हैं। समय-समय पर बड़ी मात्रा में शराब बरामद की जाती है और तस्करों को गिरफ्तार किया जाता है। इसके बावजूद कुछ तस्कर नए तरीके अपनाकर शराब की अवैध आपूर्ति की कोशिश करते रहते हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए आम लोगों की जागरूकता और सहयोग भी आवश्यक है। यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि, अवैध शराब की ढुलाई या तस्करी की सूचना मिलती है तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। इससे ऐसे गिरोहों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों, मोटरसाइकिल के दस्तावेजों और स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा और पूछताछ के बाद शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

भागलपुर में हुई यह कार्रवाई शराबबंदी कानून को लागू कराने की दिशा में पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। हालांकि मुख्य आरोपी अभी फरार है, लेकिन पुलिस का दावा है कि उसकी पहचान लगभग तय हो चुकी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

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