सुल्तानगंज में पशु मैत्री और पशु टीकाकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, तीन सूत्री मांगों को लेकर सरकार से की कार्रवाई की मांग

भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड में पशुपालन विभाग से जुड़े पशु मैत्री और पशु टीकाकर्मियों ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान नहीं होने से नाराज कर्मियों ने कामकाज ठप कर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग उठाई। हड़ताल पर बैठे कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पशु मैत्री और पशु टीकाकर्मी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें उचित सुविधाएं और समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि लगातार कई महीनों से समस्याओं को उठाने के बावजूद समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

पशुपालन विभाग के प्रखंड अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हड़ताल का मुख्य उद्देश्य सरकार का ध्यान पशु मैत्री और पशु टीकाकर्मियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि कई कर्मियों का मासिक मानदेय लंबे समय से बकाया है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनके परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि पशु मैत्री और टीकाकर्मी गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण, रोगों की रोकथाम और पशुपालकों को जागरूक करने का काम करते हैं। इसके बावजूद उनके कार्यों का उचित सम्मान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि समय पर मानदेय नहीं मिलेगा तो कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होगा और इसका असर पशुपालन सेवाओं पर भी पड़ सकता है।

धरना दे रहे कर्मियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में लंबित मानदेय का भुगतान, नियमित मासिक मानदेय की व्यवस्था तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य के दौरान सुरक्षा उपलब्ध कराना शामिल है। उनका कहना है कि कई बार उन्हें दूर-दराज के गांवों में जाकर टीकाकरण अभियान चलाना पड़ता है, जहां सुरक्षा संबंधी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पशु टीकाकरण अभियान सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है और इसे सफल बनाने में पशु मैत्री तथा टीकाकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे लगातार गांवों में जाकर पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण करते हैं, जिससे पशुधन सुरक्षित रहता है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके बावजूद उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होना चिंता का विषय है।

हड़ताल के दौरान कर्मियों ने कहा कि वे सरकार और विभाग के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि अपनी जायज मांगों के समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर मानदेय का भुगतान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं तो वे पहले की तरह पूरी निष्ठा से अपने कार्यों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं पर विचार करने की अपील की।

आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. प्राणेश कुमार को सौंपा। ज्ञापन में तीनों प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का अनुरोध किया गया। कर्मियों ने उम्मीद जताई कि विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाएगा ताकि जल्द समाधान निकल सके।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों और पशुपालकों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाए रखने के लिए पशु मैत्री और टीकाकर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि ये कर्मचारी लंबे समय तक हड़ताल पर रहते हैं तो पशुओं के टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को विभिन्न माध्यमों से उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।

धरना स्थल पर मौजूद कर्मियों ने सरकार से अपील की कि पशुपालन विभाग से जुड़े जमीनी स्तर के कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उनका कहना था कि समय पर मानदेय मिलने से वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने कार्यों को बेहतर ढंग से कर सकेंगे और पशुपालकों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

हड़ताल में पशु मैत्री और पशु टीकाकर्मियों की बड़ी संख्या ने भाग लिया। आंदोलन में अबद बिहारी शर्मा, जीवन कुमार, राजेश कुमार मंडल, विश्वजीत कुमार विजेता, धर्मेंद्र पासवान, महेश मंडल, ऐथेन्स कुमार, राजू कुमार, सोनू कुमार सहित कई अन्य कर्मी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

फिलहाल प्रखंड स्तर पर सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक मांगों को पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित विभाग इन मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं। दूसरी ओर हड़ताल पर बैठे कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

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