बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, सीमांचल और दक्षिण बिहार में तेज बारिश का अलर्ट; पटना में आंधी-वज्रपात की चेतावनी

बिहार में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने वाली हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार, 22 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। खासतौर पर सीमांचल, पूर्वी बिहार और दक्षिण बिहार के जिलों में मॉनसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है। वहीं, राजधानी पटना समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम का यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब पिछले दो दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के कारण कई जिलों में दिन का तापमान बढ़ गया था और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था।

22 जुलाई से कई इलाकों में बढ़ेगी मॉनसून की सक्रियता

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को बिहार के कई हिस्सों में मॉनसून की गतिविधियां प्रभावी रह सकती हैं। सीमांचल और दक्षिण बिहार के साथ-साथ पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर झमाझम बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में गरज और चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

पूर्णिया समेत राज्य के कुछ प्रमुख जिलों में भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा पटना और आसपास के क्षेत्रों में भी आंधी, गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

बारिश का यह दौर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है। जहां कुछ इलाकों में मध्यम वर्षा देखने को मिल सकती है, वहीं कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति भी स्थानीय स्तर पर उत्पन्न हो सकती है।

तेज हवाओं के साथ वज्रपात का खतरा

बुधवार को बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी कई क्षेत्रों में बना रहेगा। मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में गरज के साथ वज्रपात की आशंका जताई है।

इस दौरान करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आंधी के कारण कमजोर पेड़ों की टहनियां टूटने, बिजली के तार प्रभावित होने और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को परेशानी होने की आशंका रहती है। ऐसे में मौसम खराब होने पर लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी या अन्य खुले स्थानों पर रहना जोखिम भरा हो सकता है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

पटना समेत इन जिलों में बिगड़ सकता है मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को बिहार के कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। राजधानी पटना के अलावा गया, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद और नालंदा में भी मौसम बदलने के आसार हैं।

इसके साथ ही शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तर-पूर्वी बिहार के कटिहार, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया और किशनगंज जैसे जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

इन क्षेत्रों में कहीं तेज बारिश तो कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत होगी।

सीमांचल और कोसी क्षेत्र में अच्छी बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कोसी और सीमांचल क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार को अच्छी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में मॉनसून की गतिविधियों के मजबूत होने से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

दक्षिण बिहार में भी कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश के आसार हैं। पटना, गया, नालंदा और कैमूर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रह सकता है। वहीं, उत्तर और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

मॉनसून की गतिविधियों में यह बदलाव खेती-किसानी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में धान समेत कई खरीफ फसलों के लिए बारिश काफी अहम है। हालांकि, बहुत अधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और खेतों में अतिरिक्त पानी जमा होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

अगले 24 घंटे बाद उत्तर बिहार की ओर बढ़ेगा बारिश का असर

पूर्वानुमान में मौसम की गतिविधियों को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि अगले 24 घंटे के बाद मॉनसून की प्रमुख गतिविधियां दक्षिण बिहार से धीरे-धीरे उत्तर बिहार की ओर स्थानांतरित हो सकती हैं।

इस बदलाव के बाद उत्तर बिहार के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बन सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और उसका क्षेत्र स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। मौसम विभाग की ओर से आने वाले अपडेट के आधार पर स्थिति में बदलाव भी संभव है।

इसका मतलब यह है कि बुधवार को जहां दक्षिण और सीमांचल क्षेत्र में बारिश का प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है, वहीं इसके बाद उत्तर बिहार के कई इलाकों में भी मॉनसून सक्रिय हो सकता है।

पिछले दो दिनों में कमजोर पड़ा था मॉनसून

गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में मॉनसून की गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ गई थीं। इसके कारण मंगलवार को राज्य के अधिकांश जिलों में तेज बारिश का दौर थमा रहा और कई स्थानों पर केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली।

बारिश की गतिविधि कम होने के साथ ही सोमवार और मंगलवार को कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बारिश के बाद धूप निकलने से वातावरण में नमी बढ़ गई, जिसके कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।

हालांकि, अब बुधवार से बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना के कारण तापमान में फिर से गिरावट आ सकती है। बारिश और बादलों के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो सकता है, लेकिन तेज आंधी और वज्रपात के कारण लोगों को सावधानी बरतनी होगी।

किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के साथ किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आ सकती है, लेकिन तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर सतर्क रहना भी जरूरी होगा। खेतों में काम करने वाले लोगों को आकाश में बादल घिरने और गरज-चमक शुरू होने पर खुले स्थानों से सुरक्षित जगह की ओर जाने की सलाह दी जाती है।

आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। तेज हवा के समय घर से बाहर निकलने से बचना और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना बेहतर होगा।

कुल मिलाकर बिहार में कमजोर पड़े मॉनसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। 22 जुलाई को सीमांचल, पूर्वी और दक्षिण बिहार में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं, जबकि कई जिलों में आंधी और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। पूर्णिया सहित कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है और पटना समेत कई जिलों में भी मौसम खराब रह सकता है। अगले कुछ दिनों में मॉनसून की गतिविधियों का रुख उत्तर बिहार की ओर बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में राज्य के लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने और स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।

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