
भागलपुर, 10 जुलाई 2025: देशव्यापी आम हड़ताल के आह्वान पर आज भागलपुर में मजदूर संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह हड़ताल केंद्रीय ट्रेड यूनियनों—ऐक्टू, एटक, सीटू, सेवा और इंटक—से संबद्ध संगठनों द्वारा आयोजित की गई थी।
लेबर ऑफिस से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पहुंचा जुलूस
प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय लेबर ऑफिस परिसर से हुई, जहां सैकड़ों मजदूर इकट्ठा हुए। इसके बाद एक संयुक्त जुलूस निकाला गया जो घंटाघर, बड़ी पोस्टऑफिस, कचहरी चौक, वकालतखाना होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा। वहां मजदूरों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सभा में सरकार की नीतियों की आलोचना
प्रदर्शन से पूर्व लेबर ऑफिस परिसर में सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न मजदूर संगठनों के नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
ज्ञापन सौंपा गया उपश्रमायुक्त को
सभा के बाद मजदूर नेताओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन उपश्रमायुक्त को सौंपा। प्रमुख मांगों में शामिल थे:
- न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी
- ठेका प्रथा की समाप्ति
- ईएसआई और पीएफ की सुविधा
- सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
- श्रम कानूनों का सख्त पालन
संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
राज्य व जिला सचिव, ऐक्टू, मुकेश मुक्त ने बताया कि यह हड़ताल मजदूरों की आवाज को बुलंद करने के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया, “जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती, यह आंदोलन जारी रहेगा।”
भागलपुर के विभिन्न इलाकों से मजदूरों की बड़ी भागीदारी इस बात का संकेत थी कि श्रमिक वर्ग अपनी मांगों को लेकर गंभीर और संगठित है।
प्रदर्शन रहा शांतिपूर्ण, लेकिन आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, हालांकि मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन और भी व्यापक और उग्र रूप ले सकता है।
यह प्रदर्शन भागलपुर में श्रमिक एकजुटता और अधिकारों की आवाज को एक मंच पर लाने का प्रयास था, जो आने वाले दिनों में श्रमिक आंदोलनों की दिशा तय कर सकता है।


