
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के अंतर्गत विभिन्न पदों पर चयनित 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया।
जीविका महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में जीविका ने बिहार में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।
1.81 करोड़ महिलाएं जुड़ीं, 30 लाख बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में 10.49 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक 30 लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’ तैयार हो चुकी हैं।
महिलाओं का आर्थिक योगदान बढ़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006-07 में बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बेहद कम थी, जबकि आज जीविका के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक योगदान बढ़कर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने, 125 यूनिट मुफ्त बिजली तथा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं के खातों में पहली किस्त भेजे जाने जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
नोट: यह समाचार मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।


