
पटना, बढ़ती गर्मी और आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। भवन निर्माण विभाग ने राज्यभर के सभी महत्वपूर्ण और सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन और नियमित निरीक्षण के निर्देश जारी किए हैं।
सतर्क मोड में भवन निर्माण विभाग
विभाग के सचिव कुमार रवि ने कहा कि आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के भवनों का नियमित निरीक्षण करें और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी को तुरंत दूर करें।
आधुनिक अग्निशमन प्रणाली पर जोर
राज्य के प्रमुख सरकारी भवनों में अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। मुख्य सचिवालय, विकास भवन और सूचना भवन समेत कई महत्वपूर्ण परिसरों में फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिवालय परिसर में यूजी टैंक, पंप हाउस, आउटर रिंग पाइपलाइन और हाइड्रेंट सिस्टम का काम पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा भवन के विभिन्न हिस्सों में स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम और फायर एक्स्टिंगिशर भी लगाए जा चुके हैं। कुछ आंतरिक कार्य अभी प्रगति पर हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विकास भवन में भी तेज रफ्तार से काम
विकास भवन में भी अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। यहां पंप हाउस का निर्माण पूरा हो चुका है और बाहरी हाइड्रेंट सिस्टम की सफल टेस्टिंग की जा चुकी है। भवन के अंदर इंटर्नल हाइड्रेंट, होस रील, होस बॉक्स और प्रेशर गॉज की स्थापना पूरी हो गई है। वहीं, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और पीए सिस्टम का काम तेजी से जारी है।
इलेक्ट्रिकल सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान
विभाग ने भवनों में इलेक्ट्रिकल कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष उड़नदस्ता टीम का गठन किया है। यह टीम औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रही है कि कहीं भी लापरवाही या मानकों का उल्लंघन न हो।
दुर्घटनाओं को रोकना है मुख्य उद्देश्य
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि सभी सरकारी भवनों को उच्चतम अग्नि सुरक्षा मानकों से लैस किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए न केवल उपकरणों की स्थापना की जा रही है, बल्कि उनकी नियमित जांच और मेंटेनेंस पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सख्त कदमों से सरकारी भवनों में काम करने वाले कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।


