भागलपुर : 4 महीने पहले हुई थी शादी, पत्नी से फोन पर हुए झगड़े के बाद एसी मैकेनिक ने लगाया फंदा

वैशाली के युवक ने तोड़ा दम: मोबाइल में कैद है मौत से पहले की आखिरी तकरार

  • ​वैशाली जिले के बेलसर का रहने वाला 30 वर्षीय अली आजम, जो पेशे से एसी मैकेनिक था, उसने पटना के औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र की गुरुनानक कॉलोनी में आत्महत्या कर ली।
  • ​शुरुआती जांच में खुदकुशी की वजह वैवाहिक कलह बताई जा रही है; मृतक की शादी महज चार महीने पहले हुई थी और वह अपने दोस्तों के साथ किराए के कमरे में रह रहा था।
  • ​पुलिस को मृतक के मोबाइल फोन से एक महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें वह अपनी पत्नी के साथ तीखी बहस करता सुनाई दे रहा है, जिसे ‘डिजिटल सुसाइड नोट’ माना जा रहा है।
  • ​औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना अध्यक्ष बुद्धदेव पासवान ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मोबाइल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
  • ​इस हृदयविदारक घटना के बाद वैशाली के उफरैल गांव में मातम पसरा हुआ है, जहाँ चार महीने पहले ही शहनाइयां गूंजी थीं, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा है।

भागलपुर/पटना/वैशाली।सपनों का अंत और एक टूटता रिश्ता: गुरुनानक कॉलोनी में पसरा मातम

जीवन की जद्दोजहद में एक युवक अपने सुनहरे भविष्य और परिवार की खुशहाली के लिए घर से दूर शहर की गलियों में पसीना बहाता है, लेकिन जब निजी रिश्तों की कड़वाहट उसके मानसिक धैर्य पर हावी हो जाती है, तो परिणाम अक्सर विनाशकारी होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ वैशाली के अली आजम के साथ। 30 साल का यह नौजवान, जो एयर कंडीशनिंग (AC) सुधारने की महारत रखता था, वह खुद अपनी जिंदगी में पैदा हुई तपिश और कलह को शांत नहीं कर सका।  भागलपुर के औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना अंतर्गत गुरुनानक कॉलोनी में बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने न केवल उसके साथियों को झकझोर दिया, बल्कि वैशाली के उसके पैतृक गांव उफरैल में भी दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। एक सप्ताह पहले ही वह काम के सिलसिले में पटना लौटा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने साथ मौत का इरादा भी लेकर आया है।

चार महीने का वैवाहिक सफर और मौत की दहलीज

अली आजम की जिंदगी में चार महीने पहले ही खुशियों ने दस्तक दी थी जब उसका निकाह हुआ था। एक मध्यवर्गीय परिवार के युवक के लिए शादी केवल एक सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों और सपनों की शुरुआत होती है। लेकिन आजम के मामले में यह खुशियां अल्पकालिक साबित हुईं। परिजनों और उसके साथ रहने वाले मैकेनिक दोस्तों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी। शादी के शुरुआती दिनों में ही उपजा यह विवाद इस कदर बढ़ गया कि आजम ने घर से दूर रहना ही बेहतर समझा। वह गुरुनानक कॉलोनी में अपने पांच अन्य मैकेनिक दोस्तों के साथ एक ही कमरे में रहता था। इन दोस्तों के लिए आजम केवल एक सहकर्मी नहीं, बल्कि एक जुझारू साथी था, लेकिन बुधवार की सुबह जब उन्होंने आजम को फंदे से लटका देखा, तो उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया।

मोबाइल रिकॉर्डिंग: मौत की गवाह बनती आखिरी बातचीत

इस आत्महत्या के मामले में सबसे चौंकाने वाला और अहम मोड़ मृतक का मोबाइल फोन है। पुलिस ने जब घटनास्थल की जांच की और आजम के मोबाइल को खंगाला, तो उसमें पत्नी के साथ हुई आखिरी बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली। यह रिकॉर्डिंग महज एक बातचीत नहीं, बल्कि उस मानसिक प्रताड़ना और विवाद की दास्तान है जिसने आजम को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया। रिकॉर्डिंग में दोनों के बीच तीखी बहस हो रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि आजम गहरे मानसिक तनाव (Depression) से गुजर रहा था। औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना के थानेदार बुद्धदेव पासवान ने बताया कि मोबाइल को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है। यह ऑडियो क्लिप अब इस जांच की मुख्य कड़ी है, जो यह तय करेगी कि क्या आजम को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था या यह केवल एक क्षणिक आवेश का परिणाम था।

प्रशासनिक कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक प्रक्षेत्र थाने की पुलिस टीम गुरुनानक कॉलोनी पहुँची। पुलिस ने कमरे को अपने कब्जे में लेकर प्राथमिक साक्ष्य जुटाए। आजम के दोस्तों से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से गुमसुम रहता था और अक्सर फोन पर उसका झगड़ा होता था। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। बुधवार की दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आजम के पिता और भाई, जो सूचना मिलते ही पटना पहुँचे थे, उनके विलाप से अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। वे शव लेकर अपने पैतृक गांव उफरैल (वैशाली) के लिए रवाना हो गए, जहाँ देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया जाना है।

उफरैल गांव में गम का सैलाब: जहाँ उतरी थी बारात, वहां अब उठेगा जनाजा

वैशाली जिले के बेलसर थाना क्षेत्र के उफरैल गांव में जैसे ही आजम की मौत की खबर पहुँची, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। गांव वालों के लिए आजम एक सीधा-साधा और मेहनती युवक था। महज चार महीने पहले जिस घर से आजम की बारात धूमधाम से निकली थी, आज उसी घर में उसके जनाजे का इंतजार हो रहा है। वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस बात पर विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं कि उनका बेटा, जो कमाने के लिए पटना गया था, अब कभी लौटकर नहीं आएगा। ग्रामीण इस बात को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं कि आज के दौर में युवाओं के भीतर धैर्य की कमी और वैवाहिक संबंधों में बढ़ता अविश्वास कैसे जानलेवा साबित हो रहा है।

कानूनी पेचीदगियां और ‘सुसाइड अबेटमेंट’ की आशंका

पुलिस इस मामले को ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (Abetment to Suicide) के नजरिए से भी देख रही है। चूंकि शादी को अभी केवल चार महीने ही हुए थे, इसलिए कानूनन यह मामला काफी संवेदनशील हो जाता है। मोबाइल रिकॉर्डिंग में अगर पत्नी या उसके मायके वालों की ओर से किसी प्रकार की गंभीर धमकी या दबाव की बात सामने आती है, तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। थानेदार बुद्धदेव पासवान ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल की फोरेंसिक जांच और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं। आजम के दोस्तों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि घटना वाली रात या उससे पहले आजम की मानसिक स्थिति कैसी थी।

रिश्तों की उलझन और मानसिक स्वास्थ्य का प्रश्न

अली आजम की मौत एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि क्या हम अपने निजी विवादों को सुलझाने में इतने अक्षम हो गए हैं कि मौत ही एकमात्र रास्ता दिखने लगती है? एक कुशल एसी मैकेनिक, जो दूसरों के घरों को ठंडक पहुँचाने का काम करता था, उसके अपने घर की कलह ने उसे अंदर से जलाकर राख कर दिया। मोबाइल में रिकॉर्ड हुई वह आखिरी तकरार इस बात की गवाह है कि संवादहीनता और कड़वाहट किसी भी मजबूत इंसान को तोड़ सकती है। अब पुलिस की जांच ही यह तय करेगी कि आजम की मौत का असली गुनहगार कौन है, लेकिन उफरैल की गलियों में आजम की कमी हमेशा खलती रहेगी।

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