
नई दिल्ली: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 23वें दिन भी अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। अस्पताल से लिखे एक पत्र में उन्होंने उन सभी अटकलों और अफवाहों को खारिज कर दिया, जिनमें उनके अनशन समाप्त करने का दावा किया जा रहा था।
अपने पत्र में वांगचुक ने कहा कि जब तक आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या अस्पताल में उनसे मुलाकात की इजाजत नहीं मिलती, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में कहा कि उकसावे और कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने संयम और शांति बनाए रखी, जो सराहनीय है।
वांगचुक ने सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील की कि प्रदर्शनकारी छात्रों को संसद के सामने अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए, ताकि उनकी शिकायतों पर लोकतांत्रिक तरीके से विचार हो सके और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।
पत्र में उन्होंने लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, उससे वह बेहद चिंतित हैं। इसी कारण उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।
सोनम वांगचुक ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उचित निर्णय लेगी और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाएगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से भविष्य में भी शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की।
गौरतलब है कि यह आंदोलन NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहा है। वांगचुक का कहना है कि उनका उद्देश्य युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से देश के नीति-निर्माताओं तक पहुंचाना है। फिलहाल उनका स्वास्थ्य चिकित्सकीय निगरानी में है और अनशन जारी है।


