
नई दिल्ली | जंतर-मंतर पर चल रही शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। 28 जून से शुरू हुए इस अनशन के 17वें दिन तक उनका वजन करीब 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। इसी बीच विपक्ष के कई नेताओं ने उनसे अनशन समाप्त कर आंदोलन को दूसरे तरीके से जारी रखने की अपील की है।
अखिलेश यादव बोले- आपका जीवन पूरी दुनिया के लिए अनमोल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सोनम वांगचुक का जीवन मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई न्यायपूर्ण है, लेकिन उनका जीवन किसी भी आंदोलन से बड़ा है।
केजरीवाल ने भी की अनशन खत्म करने की अपील
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है और देश को उनकी जरूरत है। केजरीवाल ने कहा कि आंदोलन जारी रखने के और भी लोकतांत्रिक रास्ते हैं।
17 दिन में 8.5 किलो वजन कम
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लगातार भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन 8.5 किलोग्राम घट चुका है। स्वास्थ्य बुलेटिन में कमजोरी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी जताई गई हैं।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन कथित NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है। आंदोलन में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई जा रही है।
कई प्रमुख हस्तियों ने भी जताई चिंता
अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल के अलावा लेखक अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह, अर्थशास्त्री जयति घोष समेत कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है।


