
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और चर्चित शिक्षक अवध ओझा का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने देश की राजनीति, पाकिस्तान, लोकतंत्र और मुसलमानों को लेकर कई टिप्पणियां कीं, जिन पर अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
’22 करोड़ मुसलमान नमाज पढ़ रहे, फिर भी सरकार नहीं बदली’
पॉडकास्ट में ऑपरेशन सिंदूर और मौजूदा राजनीतिक माहौल पर पूछे गए सवाल के जवाब में अवध ओझा ने कहा कि नेताओं को जनता से तालियां बटोरने का तरीका अच्छी तरह पता है। इसी दौरान उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “देश के 22 करोड़ मुसलमान मोदी सरकार गिराने के लिए नमाज पढ़ रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।”
इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो गया और इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
‘पाकिस्तान नहीं, चीन पर ध्यान देना चाहिए’
अवध ओझा ने कहा कि भारत को पाकिस्तान जैसे कमजोर देश पर राजनीति करने के बजाय चीन जैसे ताकतवर देश से मुकाबले की रणनीति बनानी चाहिए। उनका आरोप था कि देश में पाकिस्तान और मुसलमानों के नाम पर राजनीति करना आसान हो गया है।
अपनी चुनावी हार पर भी बोले
पॉडकास्ट में उन्होंने पटपड़गंज विधानसभा चुनाव में मिली हार पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह खुद को हारा हुआ नहीं बल्कि “रनर” मानते हैं। उनके अनुसार चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का भरोसा जीतने की कोशिश की, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार का चुनावी नतीजों पर बड़ा असर पड़ा।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अवध ओझा के बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक व्यंग्य बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी मान रहे हैं। फिलहाल इस बयान पर राजनीतिक दलों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।


