पिता को सांप ने काटा तो बेटे ने दिखाई सूझबूझ, जिंदा सांप को बोतल में बंद कर अस्पताल पहुंचा, देखने वालों की लगी भीड़

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक युवक अपने पिता को सांप के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन उसके हाथ में केवल मरीज ही नहीं था, बल्कि एक बोतल में बंद जिंदा सांप भी था। अस्पताल परिसर में जैसे ही लोगों ने युवक के हाथ में बोतल के अंदर सांप को देखा, वहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।

यह घटना नवगछिया अनुमंडल के कदवा थाना क्षेत्र स्थित प्रताप नगर गांव की है। जानकारी के अनुसार, घायल की पहचान रुदल राय के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने पुत्र विवेक कुमार के साथ खेत पर बने बासा में काम कर रहे थे। दोनों रोज की तरह कृषि कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान रुदल राय वहां रखी ईंटों को हटा रहे थे। जैसे ही उन्होंने ईंट हटाई, उसके नीचे छिपा एक सांप अचानक बाहर निकला और उनके हाथ में काट लिया।

सांप के काटते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि उस समय उनके पुत्र विवेक कुमार ने घबराने के बजाय संयम और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने सबसे पहले अपने पिता को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और तुरंत अस्पताल ले जाने की तैयारी की। इसी बीच उन्होंने सावधानी बरतते हुए उस सांप को भी पकड़ लिया और एक प्लास्टिक की बोतल में बंद कर दिया। इसके बाद वह अपने पिता के साथ उसी बोतल में बंद सांप को लेकर सीधे नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंच गए।

अस्पताल पहुंचने पर यह दृश्य देखकर हर कोई हैरान रह गया। अस्पताल में मौजूद मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी यह देखकर आश्चर्यचकित थे कि युवक अपने साथ जिंदा सांप भी लेकर आया है। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग उत्सुकतावश बोतल के भीतर बंद सांप को देखने लगे, जबकि कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो भी बनाए।

घायल के पुत्र विवेक कुमार ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके पिता को किस प्रजाति के सांप ने काटा है। इसी कारण उन्होंने सांप को पकड़कर बोतल में बंद कर लिया ताकि डॉक्टर उसे देखकर यह समझ सकें कि किस प्रकार के सांप ने हमला किया है। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य केवल इतना था कि इलाज के दौरान यदि सांप की पहचान आवश्यक हो तो डॉक्टरों को सुविधा मिल सके।

अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल का तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और आवश्यक दवाएं देने के साथ उन्हें निगरानी में रखा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मरीज की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे का उपचार भी किया जाएगा।

इस घटना ने लोगों के बीच सांप के काटने से जुड़ी जागरूकता को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी व्यक्ति को सांप काटने पर सबसे जरूरी काम उसे जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाना होता है। यदि सुरक्षित रूप से संभव हो और किसी प्रकार का जोखिम न हो, तभी सांप की पहचान के लिए उसकी तस्वीर ली जा सकती है या विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है। बिना प्रशिक्षण के सांप को पकड़ने का प्रयास करना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इससे दूसरे व्यक्ति के भी डसने की आशंका रहती है।

हालांकि इस मामले में युवक ने सावधानीपूर्वक सांप को बोतल में बंद कर दिया, लेकिन विशेषज्ञ सामान्य परिस्थितियों में ऐसा करने की सलाह नहीं देते। उनका कहना है कि मरीज की जान बचाना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। समय पर अस्पताल पहुंचना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय तक लोगों की भीड़ लगी रही। कई लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर बोतल में बंद सांप कौन-सी प्रजाति का है। वहीं चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि सांप के काटने जैसी घटनाओं में किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार या अंधविश्वास पर भरोसा न करें और सीधे अस्पताल पहुंचें।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों, बासा, ईंटों के ढेर और झाड़ियों के आसपास सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में खेती-किसानी करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। खेतों में काम करते समय मजबूत जूते पहनना, ईंट या लकड़ी हटाने से पहले सतर्क रहना और रात के समय पर्याप्त रोशनी का उपयोग करना इस तरह की घटनाओं से बचाव में मददगार हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग भी समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि सांप काटने की स्थिति में मरीज को शांत रखें, प्रभावित अंग को अधिक हिलाने-डुलाने से बचें और बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें। सही समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

फिलहाल नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में रुदल राय का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं पिता की जान बचाने के लिए बेटे द्वारा दिखाई गई तत्परता और सूझबूझ की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। अस्पताल में बोतल में बंद जिंदा सांप के साथ पहुंचा यह मामला लोगों के लिए भले ही कौतूहल का विषय बन गया हो, लेकिन इसने यह संदेश भी दिया है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे जरूरी होता है।

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