
इमोजेन पाइपर, इवान हिल, माहम जावेद, रिक नोएक | द वॉशिंगटन पोस्ट
दक्षिण एशिया के दो परमाणु संपन्न प्रतिद्वंद्वियों के बीच हालिया तनाव के बीच, शनिवार को भारत द्वारा पाकिस्तान में किए गए हवाई हमलों ने कम से कम छह एयरबेस को नुकसान पहुँचाया है। द वॉशिंगटन पोस्ट द्वारा उपग्रह तस्वीरों और वीडियो के विश्लेषण के आधार पर यह खुलासा हुआ है।
हमलों की गहराई और गंभीरता
विशेषज्ञों ने इन हमलों को “दशकों में सबसे महत्वपूर्ण” बताया है। कुछ निशाने पाकिस्तान की सीमा के भीतर लगभग 100 मील अंदर तक थे।
नुकसान की प्रमुख बातें:
- तीन हैंगर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
- दो रनवे प्रभावित
- वायुसेना के उपयोग वाले मोबाइल भवन नष्ट
प्रमुख ठिकानों पर हमला
पाकिस्तानी वायुसेना के भोलारी और शहबाज़ एयरबेस पर मिसाइल हमलों के स्पष्ट संकेत मिले। भोलारी के हैंगर की छत में 60 फीट चौड़ा छेद पाया गया। शहबाज़ एयरबेस पर एक 100 फीट चौड़ा छेद और कंट्रोल टावर को नुकसान देखा गया। सुक्कुर एयरपोर्ट और शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी भारी तबाही हुई, जिसमें रडार स्थल और हैंगर ध्वस्त हो गए।
कुछ जगहों, जैसे मुशाफ एयरबेस पर, रनवे में बने गहरे गड्ढों की मरम्मत तुरंत शुरू हो गई थी।
हताहत और विरोधाभासी बयान
पाकिस्तानी सेना ने पुष्टि की कि हमलों में उसके छह वायुसेना कर्मी मारे गए—पांच भोलारी में और एक मुशाफ में। एक विमान को “हल्का नुकसान” हुआ। सैन्य प्रवक्ता ले. जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने माना कि कुछ मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुँचीं, जबकि अधिकांश को इंटरसेप्ट कर लिया गया।
वहीं वॉशिंगटन पोस्ट के विश्लेषण में यह भी पाया गया कि भारत के दो लड़ाकू विमान अभियान के दौरान क्रैश हो गए।
रणनीतिक उद्देश्य और वैश्विक प्रतिक्रिया
किंग्स कॉलेज लंदन के विशेषज्ञ वॉल्टर लैडविग के अनुसार, यह 1971 युद्ध के बाद पाकिस्तान के सैन्य ढांचे पर सबसे बड़ा भारतीय हवाई हमला था। लक्ष्य था—पाकिस्तान की वायु रक्षा और नियंत्रण प्रणाली को कमजोर करना, खासकर रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को, जो पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के नियंत्रण केंद्र के करीब स्थित है।
ये हमले 22 अप्रैल को कश्मीर में हुए आतंकी हमले की प्रतिक्रिया में किए गए थे, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि पाकिस्तान ने इनकार किया।
संघर्ष और संघर्षविराम
पाकिस्तान ने भी भारत के कश्मीर और पंजाब स्थित सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया। अमेरिका ने दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका जताई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद संघर्षविराम की घोषणा की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने फिलहाल ऑपरेशन “रोक” दिया है, लेकिन अगर भविष्य में कोई और आतंकी हमला हुआ तो भारत फिर कार्रवाई करने को तैयार है।
स्रोत: वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट


