
सिवान। बिहार की राजनीति में हलचल मचाने वाली घटना में लोजपा (रामविलास) नेता और खान ब्रदर्स के छोटे भाई रईस खान को पुलिस ने भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद रईस खान ने पार्टी प्रमुख चिराग पासवान को भावुक पत्र लिखकर खुद को निर्दोष बताया और नार्को टेस्ट व उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
वकील ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
रईस खान के सीनियर वकील इष्टदेव तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया। उनका दावा है कि बरामद सामान “बाहर से लाया गया” और रईस निर्दोष हैं। वकील ने यह भी कहा कि परिवार को धमकियां मिल रही हैं, जिनमें “एनकाउंटर कर देंगे” जैसी चेतावनियां शामिल हैं।
चिराग पासवान को पत्र – नार्को टेस्ट की मांग
गिरफ्तारी के वक्त लिखे पत्र में रईस खान ने लिखा:
“मुझे झूठे केस में फंसाया गया है। चिराग पासवान जी, उच्च कोटि की जांच कराइए या मेरा नार्को टेस्ट कराइए। मैं पार्टी का सिपाही हूं, मुझे और पार्टी को बदनाम किया जा रहा है।”
पत्र में उन्होंने मुस्लिम भाइयों और जनता से अपील करते हुए कहा कि “आज मेरी बारी है, कल आपकी भी हो सकती है। फंसाने-फंसने के काम से दूर रहें।”
राजनीतिक साजिश का आरोप
रईस खान ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया। वे लोजपा (रामविलास) से रघुनाथपुर विधानसभा सीट के दावेदार माने जा रहे थे। उनकी गिरफ्तारी से सियासी समीकरण बदल सकते हैं, जहां आरजेडी के ओसामा शहाब और बीजेपी के मनोज सिंह पहले से ही सक्रिय हैं।
लोजपा (रामविलास) के करीबी मानते हैं कि यह एनडीए के भीतर की साजिश है। हालांकि, अब तक चिराग पासवान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पुलिस छापेमारी – बरामदगी
21 सितंबर को एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने ग्यासपुर गांव स्थित रईस खान के घर पर छह घंटे लंबी छापेमारी की।
बरामदगी में शामिल:
- देसी कट्टा
- बुलेटप्रूफ जैकेट
- वॉकी-टॉकी
- मादक पदार्थ
- 10 मोबाइल फोन
- बाइक और अन्य वाहन
- कुछ रिपोर्ट्स में AK-47 के कारतूस का भी जिक्र
पुलिस ने रईस खान समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और हथियार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की।
रईस खान का आपराधिक इतिहास
- ‘खान ब्रदर्स’ के नाम से मशहूर रईस और अयूब खान पर हत्या, अपहरण, रंगदारी जैसे 52 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज।
- 2016: कार्बाइन और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तारी।
- 2022: एक जवान की हत्या के केस में नामजद।
- जनवरी 2025: दोनों भाई लोजपा (रामविलास) में शामिल हुए।
गिरफ्तारी ने रईस खान की राजनीतिक दावेदारी और भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


