
मधुबनी। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र स्थित भूपट्टी चौक पर छापेमारी कर जिला नियोजन पदाधिकारी मुनाल कुमार चौधरी और डाटा ऑपरेटर राहुल कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
निगरानी विभाग को सूचना मिली थी कि जिला नियोजन पदाधिकारी और उनके सहयोगी डाटा ऑपरेटर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसको लेकर एक व्यक्ति ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
रिश्वत लेते ही रंगे हाथों धर दबोचा
जैसे ही पदाधिकारी और डाटा ऑपरेटर शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे, निगरानी विभाग की टीम ने मौके पर धावा बोल दिया और दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
निगरानी विभाग के डीएसपी अमरेंद्र हर विद्यार्थी ने बताया कि हाजीपुर निवासी और कल्पवृक्ष संस्थान चलाने वाले एक व्यक्ति से मुनाल कुमार चौधरी ने हर महीने पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। यह रकम नियोजन से जुड़े कार्यों के बदले मांगी जा रही थी।
भ्रष्टाचार पर निगरानी विभाग की सख्ती
हाल के महीनों में निगरानी विभाग ने राज्यभर में कई भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और आने वाले समय में भी अभियान जारी रहेगा।


