पटना। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) और ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीके ने चौधरी पर 200 करोड़ की बेनामी जमीन खरीद का आरोप लगाया था, जिसके बाद मंत्री ने पलटवार किया है।
क्या बोले अशोक चौधरी?
अशोक चौधरी ने कहा कि प्रशांत किशोर “हिट एंड रन” की राजनीति कर रहे हैं।
“अगर मेरे खिलाफ आरोप सही हैं तो पीके कोर्ट में एफिडेविट देकर सबूत पेश करें। बेबुनियाद बयानबाजी से कुछ साबित नहीं होगा।” – अशोक चौधरी
पीके के आरोप
- 2021 में अपने पीए योगेंद्र दत्त के नाम पटना के बिक्रम में 23 कट्ठा जमीन खरीदी।
- बाद में वह जमीन बेटी शांभवी के नाम कर दी गई।
- सगाई के बाद ‘मानस वैभव विकास ट्रस्ट’ के जरिए 200 करोड़ रुपए से जमीन खरीदी गई।
- करोड़ों की राशि ट्रांसफर और पारिवारिक लाभ का भी आरोप।
चौधरी का जवाब
- जमीन इलेक्शन कमिशन में घोषित है, तो यह बेनामी कैसे?
- अगर करोड़ों की राशि अकाउंट में आई है तो पीके अकाउंट नंबर बताएं।
- कौन सी नई जमीन खरीदी है, इसका भी वे खुलासा करें।
मानहानि नोटिस
अशोक चौधरी ने पीके को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है और कहा कि बिना सबूत के भ्रष्टाचार के आरोप लगाना “झूठ और बेबुनियाद” है।
जदयू नेताओं का रुख
पीके के आरोपों पर जदयू नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने चौधरी से बिंदुवार जवाब देने को कहा था। अब चौधरी की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद सबकी नजर पीके के अगले कदम पर है।


