
पटना। राजधानी के निकट जानीपुर थाना क्षेत्र स्थित नगमा गांव में गुरुवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। स्कूल से लौटे सगे भाई-बहन को उनके घर में जिंदा जलाकर मार डाला गया। मृतकों की पहचान अंश कुमार (12 वर्ष) और अंजली कुमारी (16 वर्ष) के रूप में हुई है।
दोनों की मां शोभा देवी एम्स पटना में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत हैं। जब वे दोपहर करीब 2:30 बजे ड्यूटी से घर लौटीं तो घर का मंजर देख सन्न रह गईं। बच्चों के शव जली अवस्था में मिले, और घर से धुआं उठ रहा था। पूरे गांव में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों में आक्रोश, भारी संख्या में जुटे लोग
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। कई लोगों ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी, एफएसएल टीम मौके पर
सूचना मिलते ही जानीपुर थाना पुलिस, सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दोनों बच्चों को आग लगाकर मारा गया है। हालांकि, सटीक कारण और मृत्यु की प्रकृति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
हर पहलू की हो रही जांच: रेंज आईजी
पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि,
“यह अत्यंत गंभीर मामला है। सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा कि बच्चों की हत्या पहले की गई या उन्हें जिंदा जलाया गया। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”
प्रारंभिक संकेतों पर शक की सुई घूम रही
पुलिस पारिवारिक, आपसी रंजिश और अन्य एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और आस-पास के लोगों से पूछताछ जारी है। घटनास्थल से घरेलू सामानों की स्थिति, दरवाजे-खिड़कियों की स्थिति, और तेजाब या ज्वलनशील पदार्थ की उपस्थिति की भी जांच की जा रही है।
इस लोमहर्षक घटना ने राजधानी से सटे ग्रामीण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और पुलिस के लिए यह एक कड़ी परीक्षा बन गई है, जिसमें तेजी से कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की जरूरत है। फिलहाल पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।


