
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे कथित पारिवारिक सिंडिकेट का खुलासा किया है, जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने स्मैक की खरीद, पैकेजिंग और सप्लाई से जुड़े एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारोबार को एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां मिलकर संचालित कर रही थीं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 19 वर्षीय युवक राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दादा और पिता मौके से फरार हो गए। पुलिस दोनों आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कालीबाड़ी रोड स्थित एक झोपड़ी में नशीले पदार्थों की पैकेजिंग और वितरण का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए छापेमारी की। इस दौरान मौके से राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को राहुल कुमार के पास से कुल 100 पुड़िया स्मैक बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक उसकी पैंट की दोनों जेबों में 50-50 पुड़िया रखी गई थीं। इसके बाद पुलिस ने झोपड़ी की गहन तलाशी ली, जहां चौकी पर रखे बिस्तर के नीचे से 900 अतिरिक्त पुड़िया स्मैक बरामद की गई। इस तरह कुल 1000 पुड़िया, जिनका कुल वजन लगभग 367.5 ग्राम बताया गया है, पुलिस ने जब्त की। इसके अलावा मौके से एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और एक स्मार्टफोन भी बरामद किया गया, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार राहुल कुमार ने पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि उसका दादा शिवशंकर शर्मा, पिता ओमप्रकाश शर्मा और वह स्वयं मिलकर लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे। कथित तौर पर बड़ी मात्रा में स्मैक खरीदी जाती थी और फिर कालीबाड़ी रोड स्थित झोपड़ी में उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक किया जाता था। यही स्थान कथित रूप से गोदाम, पैकेजिंग सेंटर और वितरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि इस पूरे नेटवर्क में परिवार के प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। पुलिस के अनुसार, दादा शिवशंकर शर्मा और पिता ओमप्रकाश शर्मा कथित रूप से स्मैक की खरीद, भंडारण और पैकेजिंग का काम देखते थे। वहीं राहुल कुमार तैयार पुड़ियों को शहर के विभिन्न इलाकों, चौक-चौराहों और गलियों में ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करता था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के समय भी राहुल कथित रूप से स्मैक की पुड़ियां लेकर सप्लाई के लिए निकला था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपित शिवशंकर शर्मा और ओमप्रकाश शर्मा मौके से फरार होने में सफल रहे। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिठनपुरा थाना में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि बरामद नशीले पदार्थों को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही जब्त मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने बताया कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार राहुल कुमार के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क के तार जिले के बाहर या अन्य राज्यों से जुड़े हुए थे या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के कथित रूप से नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह गतिविधि कब से संचालित हो रही थी और अब तक कितनी मात्रा में नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जा चुकी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज और युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई करना आवश्यक होता है ताकि अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त किया जा सके। इसी कारण पुलिस केवल गिरफ्तार आरोपित तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
जांच के दौरान आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित कारोबार से होने वाली आय का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है। बरामद साक्ष्यों, पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज होने की संभावना है।
मुजफ्फरपुर में सामने आया यह मामला नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस के अभियान की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


