सन्हौला: निजी क्लिनिक में इंजेक्शन लगने के बाद युवक की मौत, ग्रामीणों का हंगामा, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

भागलपुर | सन्हौला | 6 जुलाई 2025: सन्हौला थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बार फिर निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने क्लिनिक के बाहर जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर दी। घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या था मामला

जानकारी के मुताबिक, धनकुंड थाना क्षेत्र के काठबनगांव निवासी मोहम्मद जमील उर्फ जम्मो मिस्री का 22 वर्षीय पुत्र मोहम्मद इसराफिल पैर के घाव का इलाज कराने शनिवार को भगवानपुर मोड़ स्थित जेडएस हेल्थ केयर क्लिनिक में आया था। इलाज के दौरान एक तथाकथित डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में युवक की मौत हो गई।

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इंजेक्शन मांसपेशियों में लगाना था, लेकिन उसे नस में दे दिया गया, जिससे रिएक्शन हुआ और मौत हो गई। घटना के बाद मोहम्मद इसराफिल के परिजनों ने क्लिनिक में लापरवाही का आरोप लगाया।

गांव और बाजार में फैली सनसनी, सड़क जाम

घटना की खबर आग की तरह फैल गई। सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर जुट गए और क्लिनिक के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगे। आक्रोशित लोगों ने सन्हौला-अटपहरा मुख्य मार्ग को घंटों तक जाम कर दिया। इस दौरान मृतक के स्वजन का रो-रो कर बुरा हाल था। आवागमन बाधित होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासनिक चुप्पी और स्थानीय समझौता

हंगामे की सूचना पर पंचायत प्रतिनिधि और कुछ स्थानीय नेताओं ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि दिलाकर मामला शांत कराया। इधर, घटना के तुरंत बाद क्लिनिक संचालकों ने अस्पताल का बोर्ड और बैनर हटा लिया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सन्हौला में दर्जनों अवैध क्लिनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनमें बिना प्रशिक्षित डॉक्टर और योग्य चिकित्सा कर्मियों के इलाज होता है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन हर बार जनप्रतिनिधियों और कुछ प्रभावशाली लोगों के दखल से मामले को दबा दिया जाता है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

घटना के बाद जिला प्रशासन की चुप्पी पर लोगों ने तीखा सवाल उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार लापरवाही से हो रही मौतों के बावजूद न तो इन क्लिनिकों की जांच होती है, न ही कोई कार्रवाई। आखिर गरीबों की जान की कीमत क्या कुछ रुपए भर की है?

स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध क्लिनिकों की जांच अभियान चलाकर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।


 

  • ये भी पढ़े..

    जमीन की नापी को लेकर बवाल, दो पक्षों में हिंसक झड़प, पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल

    Share Add as a preferred…

    शादी के महज एक महीने बाद युवक की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *