मुजफ्फरपुर की 23 पंचायतों में शुरू हुआ ‘सहयोग शिविर’, 30 दिन में शिकायत नहीं सुलझी तो अधिकारी होंगे निलंबित

Dilip Jaiswal ने मंगलवार से मुजफ्फरपुर जिले की 23 पंचायतों में शुरू हुए ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल बताया।

मंत्री ने कहा कि अब आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड, अनुमंडल और जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार खुद पंचायत स्तर पर पहुंचकर शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा करेगी।

30 दिन में समाधान अनिवार्य

दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी 31वें दिन स्वतः निलंबित माने जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी दी गई है और किसी भी आवेदन को लंबित नहीं रखने का निर्देश जारी किया गया है।

अब तक मिले 8008 आवेदन

जिला प्रशासन के अनुसार, पहले चरण में आयोजित शिविरों में अब तक कुल 8008 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर स्थल पर ही लोगों को आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इन पंचायतों में लगे शिविर

पहले चरण में बंदरा, बरूआरी, सुमेरा, खरौनाडीह, धरमपुर, महमदपुर महमदा, बांस घाट, मीरापुर, जमालाबाद, झपहा, वीरपुर, चांद केवारी, अहियापुर, मधौल, दातापुर पंचभरिया, शर्मा, अतरार, मथुरापुर बुजुर्ग, बड़का गांव उत्तरी, हथौरी, बाजी बुजुर्ग और सरमस्तपुर पंचायतों में शिविर लगाए गए।

मंत्री करेंगे निरीक्षण

सहयोग शिविरों की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मंत्री दिलीप जायसवाल मुसहरी, मीनापुर और कुढ़नी प्रखंड की पंचायतों का दौरा करेंगे। वहीं जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह भी कई शिविरों का निरीक्षण करेंगे।

हेल्पलाइन और पोर्टल शुरू

प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 और सहयोग पोर्टल भी शुरू किया है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

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