
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। सलखुआ प्रखंड क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय रानी कुमारी की पंजाब के चंडीगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रानी सहरसा जिला परिषद सदस्य अनिल भगत की पुत्री थीं और चंडीगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में फार्मासिस्ट के रूप में कार्यरत थीं। अचानक हुई इस घटना से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस घर में अगले वर्ष होने वाली शादी की तैयारियों को लेकर खुशियों का माहौल था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
जानकारी के अनुसार रानी कुमारी मूल रूप से सहरसा जिले के सलखुआ पश्चिमी क्षेत्र संख्या-19 की रहने वाली थीं। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं रानी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर फार्मेसी की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2022 में बी-फार्मा की डिग्री हासिल करने के बाद चंडीगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में फार्मासिस्ट के रूप में अपनी सेवा शुरू की। परिवार को उनकी उपलब्धियों पर गर्व था और वह अपने बेहतर भविष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रही थीं।
बताया जा रहा है कि नौकरी के दौरान रानी पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ थाना क्षेत्र में स्थित एक किराए के मकान में रहती थीं। वहीं से वह प्रतिदिन अस्पताल में अपनी ड्यूटी के लिए जाती थीं। परिवार के अनुसार वह नियमित रूप से घरवालों से बातचीत करती थीं और जल्द ही लंबी छुट्टी लेकर सहरसा आने की तैयारी कर रही थीं। घर के सभी सदस्य उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
परिजनों के मुताबिक घटना से कुछ घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था। मंगलवार सुबह रानी की अपने परिवार से फोन पर लंबी बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने सभी का हालचाल पूछा, खुद को पूरी तरह स्वस्थ बताया और कहा कि वह जल्द ही छुट्टी लेकर घर आएंगी। परिवार को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।
बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात अचानक रानी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज उल्टियां होने लगीं, जिससे उनके साथ रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से उनके साथ रहने वाले लोग भी सदमे में हैं।
रानी की मौत की सूचना जैसे ही सहरसा स्थित उनके घर पहुंची, पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मौजूद किसी भी सदस्य को इस घटना पर विश्वास नहीं हो रहा कि सुबह तक सामान्य बातचीत करने वाली बेटी रात में हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गई। पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़ लगातार परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रही है।
रानी केवल परिवार की बेटी ही नहीं बल्कि पूरे इलाके की होनहार युवती मानी जाती थीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने दम पर नौकरी हासिल की थी और अपने परिवार का नाम रोशन किया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती थीं और अपने व्यवहार के कारण सभी की प्रिय थीं। उनकी असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है।
परिवार के अनुसार अगले वर्ष रानी की शादी होने वाली थी। विवाह को लेकर दोनों परिवारों के बीच बातचीत लगभग पूरी हो चुकी थी और तैयारियां भी शुरू हो गई थीं। घर में शादी की योजनाओं पर चर्चा चल रही थी। रिश्तेदारों को बुलाने से लेकर अन्य तैयारियों पर विचार किया जा रहा था। लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। जिस घर में कुछ महीनों बाद शहनाई बजने वाली थी, वहां अब केवल सन्नाटा और मातम का माहौल है।
फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया पूरी की है और रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
परिजनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि रानी पूरी तरह स्वस्थ थीं और अचानक हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार चाहता है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो ताकि मौत की सही वजह सामने आ सके। फिलहाल वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रानी का पार्थिव शरीर एंबुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक गांव लाया जाएगा। गांव पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसके बाद परिवार की परंपरा और रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर घर से दूर रहकर पढ़ाई और नौकरी करने वाले युवाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सुविधा और आसपास के लोगों की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण होती है, यह घटना उसकी भी याद दिलाती है। हालांकि इस मामले में मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल सहरसा से लेकर चंडीगढ़ तक इस घटना की चर्चा है। रानी कुमारी की असामयिक मौत ने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। सभी की निगाहें अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस संदिग्ध मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। वहीं परिवार अपनी होनहार बेटी को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटा है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने उनकी जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ दिया है, जिसे भर पाना शायद कभी संभव नहीं होगा।


