पटना। रंगदारी के आरोप में जेल भेजे गए राजद विधायक रीतलाल यादव के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब उनकी पत्नी और शिक्षिका रिंकू कुमारी पर भी जांच की आंच पहुंच गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने निजी व्यवसाय (कंस्ट्रक्शन कंपनी) चलाया, जो सेवा नियमावली का उल्लंघन है।
पुलिस मुख्यालय ने शिक्षा विभाग से की कार्रवाई की सिफारिश
राज्य के एडीजी (मुख्यालय एवं एसटीएफ) कुंदन कृष्णन ने इस मामले में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि नियोजित शिक्षिका रहते हुए रिंकू कुमारी “विजय कंस्ट्रक्शन” नामक फर्म में नवंबर 2017 से पार्टनर हैं और इसके माध्यम से व्यवसायिक गतिविधियों में संलग्न हैं।
नियोजित शिक्षिका हैं रिंकू कुमारी
पुलिस के अनुसार, रिंकू कुमारी जुलाई 2006 से प्राथमिक विद्यालय, कोथवां (मुसहरी, पटना) में नियोजित शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए किसी प्रकार का निजी व्यवसाय करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का स्पष्ट उल्लंघन है।
शिक्षा विभाग से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
पुलिस मुख्यालय ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि इस मामले में विभागीय जांच कर अनुशासनिक व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और इसकी जानकारी पुलिस को दी जाए।
विधायक पर पहले से चल रही है जांच
गौरतलब है कि राजद विधायक रीतलाल यादव पर पटना के एक बिल्डर से रंगदारी मांगने का आरोप है, जिसके बाद खगौल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने उनके आवास पर छापेमारी भी की थी। अप्रैल में उन्होंने थाने में आत्मसमर्पण किया था और वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं।


