टिकट नहीं मिलने पर रो पड़ीं राजद नेत्री उषा देवी, बोलीं – “मेरे पास पैरासूट नहीं था, नहीं तो टिकट मिल जाता”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में टिकट बंटवारे के बाद नाराज नेताओं की लिस्ट में अब राजद नेत्री उषा देवी का नाम भी जुड़ गया है। हालांकि उन्होंने बगावत का रास्ता नहीं चुना, बल्कि पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दिखाते हुए कहा कि वह छपरा से राजद प्रत्याशी खेसारी लाल यादव के लिए प्रचार करेंगी।

शनिवार को राबड़ी आवास पहुंचीं उषा देवी फफक कर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि वह 2005 से, यानी 17 साल की उम्र से राजद से जुड़ी हुई हैं। उषा देवी ने बताया, “लालू यादव मेरे पिता हैं, राबड़ी देवी मेरी मां हैं और तेजस्वी यादव मेरे भईया हैं। मैं टिकट की उम्मीद में थी, लेकिन शायद मेरे पास पैरासूट नहीं था, नहीं तो टिकट मिल जाता।”

‘पैरासूट वालों को मिला टिकट’
उषा देवी ने कहा कि गरीब परिवार से होने की वजह से उन्हें टिकट नहीं मिला, जबकि पूंजीपतियों को टिकट दिया गया। उन्होंने कहा,
“बाराचट्टी सीट से टिकट की चाह थी। 2020 से ही चुनाव लड़ना चाहती थी। अगर मेरे पास भी पैरासूट होता, तो उड़कर आती और टिकट लेकर चली जाती।”

तेजस्वी यादव ने दिया था भरोसा
राजद नेत्री ने बताया कि जब खेसारी लाल यादव तेजस्वी यादव से मिलने आए थे, उस दिन भी तेजस्वी ने कई बार कहा था कि उन्हें टिकट मिलेगा। लेकिन अंत में किसी और को टिकट दे दिया गया। उन्होंने कहा कि उनका कोई पैरवी करने वाला नहीं था, उनका नेता सिर्फ लालू यादव हैं।

बागी नहीं होंगी, प्रचार करेंगी
उषा देवी ने कहा कि वे बागी नहीं बनेंगी और पार्टी के लिए काम करती रहेंगी। उन्होंने कहा, “टिकट नहीं मिला तो क्या हुआ, पार्टी के लिए जान तक दे दूंगी। तेजस्वी भईया के लिए खून बहा देंगे।”

घर लौटीं उषा देवी
राबड़ी आवास पर भावुक पल के बाद उषा देवी अपने घर लौट गईं। उन्होंने कहा, “मैं अपने पिता लालू यादव, माता राबड़ी देवी, भईया तेजस्वी यादव और बड़ी बहन मीसा भारती से आशीर्वाद लेने आयी थी। अब अपने ससुराल लौट रही हूं, लालू जी का घर मेरा मायका है।”

 

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