हेलीकॉप्टर से नामांकन भरने पहुंचे RJD प्रत्याशी आईपी सिंह गुप्ता, कार्यकर्ताओं ने गंगाजल और दूध से कराया स्नान

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में एक अनोखी घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। महागठबंधन प्रत्याशी आईपी सिंह गुप्ता सहरसा विधानसभा सीट से हेलीकॉप्टर पर सवार होकर नामांकन दाखिल करने पहुंचे, जिसके बाद उनके समर्थकों ने गंगाजल और दूध से स्नान करवाकर उनका स्वागत किया।

नामांकन के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में समर्थकों ने उन्हें ‘विजयी स्वागत’ के रूप में बेलपत्र और फूल भी चढ़ाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह “जीत की कामना” के लिए की जाने वाली परंपरा है। हालांकि, कुछ लोगों ने इस पर धार्मिक आचरण और परंपराओं के उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए हैं।


हेलीकॉप्टर से पहुंचे प्रत्याशी, फिर हुआ अनोखा स्नान समारोह:
नामांकन प्रक्रिया के दौरान RJD प्रत्याशी आईपी सिंह गुप्ता हेलीकॉप्टर से सहरसा पहुंचे। जैसे ही उन्होंने एसडीएम कार्यालय में नामांकन दाखिल किया, समर्थक दूध, गंगाजल और फूल लेकर जमा हो गए।
समारोह के दौरान एक गैलन से दूध और दूसरे से गंगाजल उनके ऊपर उंडेला गया। इसके बाद बेलपत्र और फूल अर्पित किए गए।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है — कुछ इसे “शुभ शुरुआत” बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक नौटंकी मान रहे हैं।


सहरसा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला:
सहरसा विधानसभा सीट इस बार बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गई है। यहां महागठबंधन की ओर से आईपी सिंह गुप्ता (RJD), NDA की ओर से बीजेपी प्रत्याशी आलोक रंजन झा, और जन सुराज पार्टी के प्रोफेसर कुमार अजय के बीच सीधी टक्कर है।

  • आईपी सिंह गुप्ता (RJD): वैश्य समुदाय से आते हैं, स्थानीय व्यापारियों के बीच अच्छी पकड़। चुनावी मुद्दे — बेरोजगारी और बाढ़ प्रभावित इलाकों का विकास।
  • आलोक रंजन झा (BJP): ब्राह्मण समुदाय से हैं, 2020 में उपविजेता रहे।
  • प्रोफेसर कुमार अजय (जन सुराज): शिक्षक समुदाय का प्रतिनिधित्व, युवाओं को जोड़ने की कोशिश।

इस सीट पर 12 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से इन तीन के बीच सिमट गया है।


राजनीतिक समीकरण और वोट बैंक:
सहरसा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 3.2 लाख मतदाता हैं। इनमें

  • मुस्लिम मतदाता: 25%
  • यादव मतदाता: 15%
  • EBC एवं ऊपरी जाति: लगभग 40%
    यहां महागठबंधन का MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण और NDA का EBC+सवर्ण गठजोड़ निर्णायक साबित हो सकता है।

2020 का चुनाव परिणाम:
2020 में RJD के डॉ. रामचंद्र प्रसाद सिंह ने JDU के सुमित कुमार को करीब 8,000 वोटों से हराया था। इस बार NDA एकजुट है और सहरसा को वापस जीतने के लिए पूरा जोर लगा रहा है।


बिहार चुनाव का परिदृश्य:
इस बार बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में (6 और 11 नवंबर) को होंगे, जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। कुल 243 सीटों में NDA और महागठबंधन के बीच 101-101 सीटों पर सीधा मुकाबला है।
सहरसा जैसी सीटों पर नतीजे तय करेंगे कि सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाती है।


 

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