
पटना, २ अगस्त 2025 – बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आज सचिवालय स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के माननीय मंत्री रत्नेश सादा ने की। बैठक में विभागीय सचिव अजय यादव, उत्पाद आयुक्त सह निबंधन महानिरीक्षक रजनीश कुमार सिंह, उप निबंधन महानिरीक्षक सुशील कुमार सुमन, डॉ. संजय कुमार, संयुक्त आयुक्त कृष्णु कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्व संग्रहण में 121 करोड़ की वृद्धि
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को ₹8,250 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त है। बैठक में जानकारी दी गई कि 29 जुलाई 2025 तक ₹2,523.08 करोड़ का राजस्व संग्रहण हो चुका है, जो लक्ष्य का 91.7% है। यह पिछले वर्ष की तुलना में ₹121 करोड़ अधिक है, जो निबंधन क्षेत्र की सुदृढ़ कार्यप्रणाली का संकेत है।
निबंधन प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता
मंत्री रत्नेश सादा ने निबंधन की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
- वर्ष 1995-2005 के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण पूर्ण।
- वर्ष 1990-1995 के 39,29,200 दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कार्य प्रारंभ।
- 145 कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाए जा चुके हैं।
- नागरिकों को एसएमएस के माध्यम से दस्तावेज डाउनलोड की सुविधा भी अब उपलब्ध है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त मानव संसाधन की व्यवस्था की जाए, और एजेंसियों द्वारा नियुक्त कर्मियों के भुगतान में कोई विलंब न हो।
मद्य निषेध कार्यों की सघन समीक्षा
आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने मद्य निषेध कानून को और सख्ती से लागू करने पर बल दिया।
उन्होंने छापेमारी अभियानों में ड्रोन, स्कैनर, मोटरबोट और स्निफर डॉग्स के प्रभावी इस्तेमाल का निर्देश दिया।
- अब तक 4,09,10,714 लीटर शराब जब्त की गई है, जिसमें से 98% अर्थात 4,00,28,936 लीटर का विधिसम्मत विनष्टीकरण किया जा चुका है।
- 1,48,432 वाहन भी जब्त किए गए हैं।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जब्त शराब के विनष्टीकरण की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी की जाए।
जनजागरूकता पर विशेष जोर
मंत्री ने कहा कि नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु नुक्कड़ नाटक, प्रचार वाहनों एवं अन्य माध्यमों से अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को CCA (Crime Control Act) के अंतर्गत बड़े शराब माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
राजस्व, निबंधन, और निषेध – तीनों क्षेत्रों में विभाग की कार्यप्रणाली सशक्त रूप में सामने आई है। डिजिटलीकरण और निगरानी को मिली नई गति से विभाग की पारदर्शिता बढ़ी है। वहीं अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्ती और जनजागरूकता के समन्वय से राज्य में नशा मुक्त बिहार के लक्ष्य को बल मिलेगा।


