
पटना/गया, 2 अगस्त – विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला की तैयारी जोरों पर है। इस वर्ष यह पावन मेला 6 सितंबर से 21 सितंबर 2025 तक बिहार के गया और पुनपुन में आयोजित किया जाएगा, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के मोक्ष हेतु पिंडदान करने आते हैं।
शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित हुई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने भी सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए कई अहम दिशा-निर्देश दिए।
सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद
डीजीपी विनय कुमार ने मेला क्षेत्र में पॉकेटमारों और चोरों पर सख्ती से नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गया जिला प्रशासन से कहा है कि ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनकी तस्वीरें डिजिटल स्क्रीन और सार्वजनिक होर्डिंग्स पर चस्पा की जाएं ताकि श्रद्धालु सतर्क रहें और अपराधियों में भी भय बना रहे। साथ ही, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए आवासन की दोगुनी व्यवस्था
गया के जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए सरकारी यात्री आवास की क्षमता पहले से दोगुनी कर दी गई है। कुल 38 नि:शुल्क सरकारी यात्री आवासन स्थल तैयार किए गए हैं जिनकी कुल क्षमता 12,930 व्यक्तियों की है। साथ ही:
- पण्डा समाज के लिए 339 निजी भवन और धर्मशालाएं (क्षमता: 35,043)
- होटल/रेस्ट हाउस (106 स्थान, क्षमता: 6,735)
स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं
- मेला क्षेत्र में सफाई कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
- देवघाट पर गया डैम के जल को सुरक्षित रखने के लिए पिंड विसर्जन पिट का निर्माण किया गया है।
- 200 डस्टबिन लगाए जाएंगे (120-240 लीटर क्षमता)।
- 88 शौचालय, 18 स्नानागार, 52 चेंजिंग रूम और 50 व्हीलचेयर की व्यवस्था।
स्वास्थ्य और आपात सेवाएं
- मेला क्षेत्र में 70 स्वास्थ्य शिविर, जिनमें 125 डॉक्टर, 178 पारा मेडिकल स्टाफ और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात होंगे।
- विभिन्न अस्पतालों में 70 बेड आरक्षित किए गए हैं।
- खाद्य सामग्री की जांच हेतु 5 टीमें गठित।
अन्य व्यवस्थाएं
- पेयजल के लिए चापाकल, नल, पियाऊ, वाटर टैंकर और वाटर एटीएम लगाए जा रहे हैं।
- प्रकाश, विद्युत, परिवहन, विधि व्यवस्था, प्रचार-प्रसार और आपदा प्रबंधन के सभी प्रबंध पूरे किए जा रहे हैं।
तकनीकी पहल
श्रद्धालुओं को सूचना देने और सहायता पहुंचाने के लिए “PinddaanGaya” नामक मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है, जिसमें मेला से जुड़ी सभी जानकारियां होंगी।
प्रशासन ने पितृपक्ष मेले 2025 को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने के लिए विस्तृत इंतजाम किए हैं। विशेषकर सुरक्षा व्यवस्था पर इस बार विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ अपने पितरों को तर्पण और पिंडदान कर सकें।


