गेहूं की सरकारी खरीद में रिकॉर्ड वृद्धि, अब तक खरीदे गए 29.7 मिलियन टन, 2.27 मिलियन किसानों को लाभ

नई दिल्ली, 25 मई 2025 — केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2025-26 (अप्रैल-जून) के तहत अब तक 29.7 मिलियन टन (297 लाख टन) से अधिक गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की है, जो कि 2021-22 के बाद सबसे बड़ी मात्रा है। पिछले साल की तुलना में यह 13.5% अधिक है।

लक्ष्य से आगे निकल सकता है खरीद का आंकड़ा

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि इस साल अच्छी फसल के चलते गेहूं खरीद का आंकड़ा 320-325 लाख टन तक पहुँच सकता है। सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 312 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया था, जो अब लगभग पूरा होने के कगार पर है।

मुख्य उत्पादक राज्यों में बढ़ी खरीद

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं खरीद पिछले साल की तुलना में अधिक रही। इन राज्यों में खरीद प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

एमएसपी के तहत 62,346 करोड़ रुपये का भुगतान

एफसीआई के अनुसार, अब तक 2.27 मिलियन (22.7 लाख) किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत 62,346.23 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला है और उनकी आय में स्थायित्व आया है।


खाद्यान्न उत्पादन में भी बड़ी छलांग, 2024-25 में 1,663.91 लाख टन

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में जानकारी दी कि भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 106 लाख टन बढ़कर 1,663.91 लाख टन पर पहुँच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 6.83% की वृद्धि दर्शाता है।

2023-24 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 1,557.6 लाख टन था, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,663.91 लाख टन हो गया। इसके साथ ही रबी फसल का उत्पादन भी 1,600.06 लाख टन से बढ़कर 1,645.27 लाख टन हो गया है।

भारत को ‘खाद्यान्न टोकरी’ बनाने की दिशा में कदम

कृषि मंत्री ने कहा कि भारत केवल अपनी जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की खाद्यान्न टोकरी बनने की ओर अग्रसर है। सरकार की रणनीतियाँ उत्पादन, खरीद और भंडारण क्षमता में समन्वय लाकर किसानों को लाभ पहुंचाने के साथ वैश्विक खाद्य सुरक्षा में भी योगदान दे रही हैं।

सरकार की सक्रिय नीति, बेहतर फसल और तेज़ खरीद प्रक्रिया ने गेहूं उत्पादन और खरीद दोनों में उल्लेखनीय सफलता दिलाई है। आने वाले समय में इससे खाद्य आपूर्ति श्रृंखला मज़बूत होगी, और किसान हितों को भी बड़ा संबल मिलेगा


 

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