गन्ना किसानों के लिए ‘डेडलाइन’ अलर्ट! 19 मार्च तक खरीद लें मशीनें, वरना रद्दी हो जाएगा परमिट; जानें कैसे मिलेगा 60% तक अनुदान

HIGHLIGHTS:

  • आखिरी मौका: गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत यंत्र खरीदने की अंतिम तिथि 19 मार्च निर्धारित।
  • बड़ा अपडेट: 5वें रेंडमाइजेशन में चयनित 466 किसानों में से 361 ने पूरी की खरीदारी।
  • भारी सब्सिडी: खेती से लेकर कटाई तक की मशीनों पर मिल रहा है 50 से 60 फीसदी का अनुदान।
  • सीधा फायदा: मशीनों की जांच के बाद सीधे बैंक खाते में आएगी सब्सिडी की राशि।

मशीन से होगी गन्ने की खेती, जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ: बस 6 दिन बाकी!

पटना: बिहार के गन्ना किसानों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। अगर आपका नाम ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना’ के 5वें रेंडमाइजेशन में आया है और आपके पास परमिट है, तो सुस्ती छोड़िए। गन्ना उद्योग विभाग ने साफ कर दिया है कि 19 मार्च 2026 के बाद आपका परमिट स्वतः निरस्त (Cancel) हो जाएगा। राज्य के 361 किसानों ने तो आधुनिक मशीनों के साथ अपनी खेती को ‘स्मार्ट’ बना लिया है, लेकिन 105 किसान अब भी कतार में हैं।

[योजना का ‘डाटा बैंक’: कितनी छूट और क्या है डेडलाइन?]

विवरण

जानकारी

योजना का नाम

गन्ना यंत्रीकरण योजना

अनुदान (Subsidy)

50% से 60% तक

कुल चयनित किसान

466 (5वां रेंडमाइजेशन)

खरीदारी कर चुके किसान

361

अंतिम तिथि (Deadline)

19 मार्च 2026

कैसे करें खरीदारी? ‘सुमेक पोर्टल’ है आपकी चाबी

​विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा है। चयनित किसान सुमेक (SUMEK) पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद के सूचीबद्ध विक्रेताओं (Vendors) से मशीन खरीद सकते हैं।

  • पेमेंट मोड: शुरुआत में किसान को पूरी राशि का भुगतान करना होगा।
  • वेरिफिकेशन: यंत्र खरीदने के बाद विभाग की टीम भौतिक जांच (Physical Verification) करेगी।
  • DBT का जादू: जांच सफल होते ही सब्सिडी की मोटी रकम सीधे आपके आधार लिंक बैंक खाते में पहुँच जाएगी।

खेत की तैयारी से कटाई तक, सब होगा मशीनी

​इस योजना के तहत बिहार सरकार गन्ना किसानों को आधुनिक हल, बुआई की मशीनें और हार्वेस्टर जैसे उपकरण उपलब्ध करा रही है। इससे न केवल लेबर (मजदूर) की समस्या खत्म होगी, बल्कि कम समय में ज्यादा पैदावार भी सुनिश्चित होगी।

VOB का नजरिया: समय चूके तो हाथ मलते रह जाएंगे!

बिहार में गन्ने की खेती को घाटे से उबारने के लिए यंत्रीकरण (Mechanization) ही एकमात्र रास्ता है। 60% तक का अनुदान कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन 105 किसानों का अब तक यंत्र न खरीदना चिंताजनक है। शायद कागजी प्रक्रिया या फंड की कमी आड़े आ रही हो। हमारा सुझाव है कि अगर आप चयनित हैं, तो 19 मार्च का इंतजार न करें, क्योंकि आखिरी दिनों में पोर्टल पर लोड बढ़ने से दिक्कत हो सकती है।

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