बिहार में बनेगी ‘कोटा’ जैसी मेगा कोचिंग सिटी! शिक्षा व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, लाखों छात्रों का पलायन रोकने की तैयारी

राजस्थान के कोटा मॉडल का अध्ययन कर रही बिहार सरकार, नई कोचिंग नीति और एजुकेशन सिटी के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए तैयार होगा आधुनिक शिक्षा हब।


पटना: बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। अब सरकार केवल स्कूलों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता सुधारने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी ऐसा आधुनिक शैक्षणिक माहौल तैयार करने की योजना बना रही है, जिससे छात्रों को कोटा, दिल्ली, प्रयागराज या अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े। इसी उद्देश्य से बिहार सरकार ने राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध कोटा कोचिंग मॉडल का अध्ययन शुरू कर दिया है।

कोटा मॉडल पर बिहार सरकार की बड़ी तैयारी

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी हाल ही में अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ राजस्थान के कोटा पहुंचे, जहां उन्होंने कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली, छात्र सुविधाओं, रेगुलेशन सिस्टम और प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन किया। सरकार अब बिहार की जरूरतों के अनुसार एक नई कोचिंग नीति तैयार कर रही है।

बिहार में बनेगी आधुनिक एजुकेशन और कोचिंग सिटी

सरकार की योजना एक ऐसी मेगा एजुकेशन सिटी विकसित करने की है, जहां स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, छात्रावास, डिजिटल लाइब्रेरी, करियर काउंसिलिंग सेंटर, अस्पताल, खेल परिसर और आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है।

फतुहा क्षेत्र पर सबसे ज्यादा चर्चा

सूत्रों के अनुसार पहले सोनपुर और बिहटा-विक्रम क्षेत्र पर विचार हुआ था, लेकिन अब फतुहा क्षेत्र में करीब 600 एकड़ भूमि पर एजुकेशन सिटी विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

क्या है कोटा मॉडल?

कोटा मॉडल केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण शैक्षणिक इकोसिस्टम है। यहां छात्रों को कोचिंग के साथ छात्रावास, टेस्ट सीरीज, डिजिटल लर्निंग, लाइब्रेरी, करियर काउंसिलिंग और सुरक्षित वातावरण जैसी सभी सुविधाएं एक जगह मिलती हैं। हर साल देशभर से लाखों छात्र यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं।

नई कोचिंग नीति भी होगी लागू

शिक्षा विभाग राज्य में नई कोचिंग नियमावली तैयार कर रहा है। इसके तहत कोचिंग संस्थानों के संचालन, भवन सुरक्षा, छात्र सुविधाओं, अग्नि सुरक्षा, फीस व्यवस्था और गुणवत्ता के लिए स्पष्ट मानक तय किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी और सुरक्षित कोचिंग व्यवस्था विकसित करना है।

विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार को कोटा मॉडल की केवल नकल नहीं करनी चाहिए, बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप अपना अलग मॉडल विकसित करना चाहिए। उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षक, बेहतर आधारभूत संरचना और छात्र हितों को केंद्र में रखकर बनाई गई योजना ही सफल हो सकती है।

बिहार की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोचिंग सिटी सफल होती है तो शिक्षा के साथ-साथ होटल, परिवहन, किराये के मकान, पुस्तक बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय व्यापार को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

सरकार की क्या है मंशा?

बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को पूर्वी भारत का प्रमुख शिक्षा केंद्र बनाना है। यदि एजुकेशन सिटी और कोचिंग सिटी की यह महत्वाकांक्षी योजना सफल होती है, तो यह न केवल शैक्षणिक पलायन कम करेगी बल्कि बिहार की शिक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा दे सकती है।

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