
पटना: मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर में 2 जून की रात हुए विवाद और फायरिंग मामले में पुलिस केस डायरी ने नया मोड़ ला दिया है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज तथ्यों के अनुसार, फायरिंग आत्मरक्षा में नहीं बल्कि कथित तौर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी। इससे Faisal Khan उर्फ खान सर के उस दावे पर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि फायरिंग आत्मरक्षा के लिए कराई गई थी।
20 मिनट के अंतर ने खड़े किए सवाल
पुलिस केस डायरी के अनुसार, 2 जून की रात करीब 10:10 बजे मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जबकि गोलीबारी करीब 10:30 बजे हुई। पुलिस का मानना है कि यदि फायरिंग वास्तव में आत्मरक्षा में की गई होती तो दोनों घटनाएं लगभग एक साथ होतीं।
जांच अधिकारियों के अनुसार यह समय अंतर आत्मरक्षा के तर्क को कमजोर करता है।
बॉडीगार्ड्स ने चलाई थी गोली
जांच में सामने आया है कि खान सर के निजी सुरक्षा कर्मी प्रदीप कुमार और तालेवर सिंह ने फायरिंग की थी। शुरुआत में दर्ज बयानों में गोलीबारी का उल्लेख नहीं था, लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग की बात सामने आई।
शुरुआती एफआईआर में नहीं था गोलीबारी का जिक्र
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद दर्ज प्रारंभिक एफआईआर में गोलीबारी का कोई उल्लेख नहीं किया गया था। बाद में जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग को केस डायरी का हिस्सा बनाया गया।
यही तथ्य अब जांच का महत्वपूर्ण आधार बन गया है।
कानूनी विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय कानून में आत्मरक्षा का अधिकार तभी मान्य होता है जब व्यक्ति पर तत्काल और वास्तविक खतरा हो। यदि खतरा समाप्त हो चुका हो या केवल आशंका के आधार पर हथियार का उपयोग किया गया हो, तो आत्मरक्षा का दावा अदालत में कमजोर पड़ सकता है।
रोशन आनंद ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में नया विवाद तब जुड़ा जब ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक Roshan Anand ने अपने भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर में हुई संदिग्ध मौत को साजिश बताया।
रोशन आनंद ने खान सर और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके भाई की हत्या कराई गई। उन्होंने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं होने के बाद अदालत का रुख करने की बात कही है।
पुलिस किन बिंदुओं की कर रही जांच?
पुलिस अब कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच कर रही है—
- घटना के समय सभी पक्षों की लोकेशन
- मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
- सीसीटीवी फुटेज
- गवाहों के बयान
- हथियारों के लाइसेंस और उपयोग का रिकॉर्ड
- घटना से पहले और बाद की गतिविधियां
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फायरिंग परिस्थितिजन्य प्रतिक्रिया थी या पहले से सोची-समझी कार्रवाई।
अदालत में सुनवाई जारी
पूरा मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। पटना सिविल कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी तलब की है। खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल अंतरिम रोक बनी हुई है, जबकि उनके बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका पर भी सुनवाई चल रही है।
अब अदालत में पेश होने वाले दस्तावेज और पुलिस जांच की रिपोर्ट इस चर्चित मामले की दिशा तय कर सकते हैं।


