
पटना। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के नए मंत्री नीतीश मिश्रा ने शुक्रवार को विधिवत रूप से विभाग का पदभार ग्रहण कर लिया। विकास भवन स्थित विभागीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री नीतीश मिश्रा ने विभागीय योजनाओं और शहरी विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा स्पष्ट संकेत दिए कि आने वाले समय में बिहार के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने पर विशेष फोकस रहेगा।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि नगर निकायों में रहने वाले लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और “ईज़ ऑफ लिविंग” को और अधिक मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है और बदलती जरूरतों के अनुसार शहरों का विकास करना अब समय की सबसे बड़ी मांग है।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार के शहरी क्षेत्रों में तेजी से विस्तार हुआ है। वर्तमान में राज्य का शहरीकरण लगभग 17 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। ऐसे में आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहरों की योजना बनाना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल वर्तमान की जरूरतों पर नहीं, बल्कि आने वाले 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की पहचान उसके शहरों से होती है। जब कोई व्यक्ति बिहार आता है तो सबसे पहले पटना और अन्य प्रमुख शहरों को देखकर राज्य की छवि बनाता है। इसलिए सरकार की कोशिश होगी कि बिहार के सभी शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस हों और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
मंत्री ने राज्य के सभी 264 नगर निकायों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय निकायों को आवश्यक सहयोग और हैंड-होल्डिंग उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग की ओर से हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहायता दी जाएगी ताकि नगर निकाय बेहतर तरीके से काम कर सकें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर मजबूत प्रशासन ही बेहतर शहरी विकास की नींव बन सकता है।
पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की महत्वाकांक्षी योजना ‘11 सैटेलाइट टाउनशिप’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन टाउनशिप के लिए स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं और यह बिहार के शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। इन टाउनशिप को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा ताकि भविष्य में बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को संतुलित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि केवल पटना ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य शहरों में भी योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। रोहतास सहित अन्य क्षेत्रों में भी नए शहरी मॉडल विकसित करने पर विचार चल रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के शहरों को इस तरह विकसित किया जाए कि लोगों को रोजगार, आवास, परिवहन, स्वच्छता और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सकें।
मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में वेस्ट मैनेजमेंट को सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरों में कचरा प्रबंधन की समस्या गंभीर होती जा रही है और इसके समाधान के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। नगर निकायों को इस दिशा में अधिक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि शहर स्वच्छ और व्यवस्थित रह सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग, सीवर नेटवर्क, जल निकासी और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में भी सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सिटी सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में भी काम होगा ताकि शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सके।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार की कोशिश केवल आधारभूत ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नागरिक सुविधाओं को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाया जाएगा। डिजिटल तकनीक और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर नगर निकायों के कामकाज को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे और बिहार के शहरी विकास को नई दिशा देंगे। मंत्री ने कहा कि वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, “ईश्वर मुझे इतनी शक्ति दे कि मैं बिहार के लोगों की अपेक्षाओं पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ खरा उतर सकूं।” उनका यह बयान कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
कार्यक्रम में विभाग के सचिव संदीप आर. पुडकलकट्टी, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर, विशेष सचिव राजीव कुमार श्रीवास्तव, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मंत्री का स्वागत करते हुए विभागीय योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार का एक बेहद महत्वपूर्ण विभाग है, क्योंकि आने वाले वर्षों में शहरीकरण की रफ्तार और तेज होने वाली है। ऐसे में यह विभाग राज्य के विकास मॉडल को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार सैटेलाइट टाउनशिप, मास्टर प्लान, वेस्ट मैनेजमेंट और आधुनिक शहरी सुविधाओं पर गंभीरता से काम करती है तो बिहार के शहरों की तस्वीर आने वाले वर्षों में काफी बदल सकती है। इससे न केवल लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बिहार के शहरी विकास को लेकर सरकार के इस नए विजन से लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में राज्य के शहर अधिक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आधुनिक बन सकेंगे। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग अपने इन बड़े विजन को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से उतार पाता है।


