
पटना
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में अब बस कुछ ही घंटे बाकी हैं। 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी, लेकिन उससे पहले राजधानी पटना में पोस्टर पॉलिटिक्स ने माहौल गरमा दिया है।
एक तरफ एग्ज़िट पोल में एनडीए की बढ़त दिख रही है, तो दूसरी तरफ महागठबंधन समर्थक अपनी जीत के दावे पर उतारू हैं।
इसी बीच समाजवादी पार्टी (SP) ने पटना में ऐसा पोस्टर लगा दिया है जिसने चुनावी माहौल में नई खलबली मचा दी है।
‘अलविदा चाचा…’—RJD कार्यालय के सामने SP का विवादित पोस्टर
समाजवादी पार्टी की ओर से सबसे चौंकाने वाला पोस्टर RJD कार्यालय के ठीक सामने लगाया गया है।
इस पोस्टर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कार्टून के रूप में दिखाया गया है और नीचे बड़े अक्षरों में लिखा है—
➡ “अलविदा चाचा…”
यह पोस्टर SP के पूर्व बिहार यूथ अध्यक्ष धर्मवीर यादव द्वारा लगाया गया है।
पोस्टर लगने के बाद RJD दफ्तर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में यह पोस्टर चर्चा का केंद्र बन गया।
पोस्टर में अमित शाह भी—भैंस के साथ कार्टून
पोस्टर में सिर्फ नीतीश ही नहीं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी कार्टून बनाया गया है।
अमित शाह की तस्वीर भैंस के साथ दिखाई गई है, और मजाकिया अंदाज़ में तंज लिखा गया है—
“जनता परेशानी झेले ‘शाह’ के कारनवा बेइमानवा,
वोट के चोरी करके ‘ई’ शासन करे बेईमानवा।”
पोस्टर के ऊपर की तरफ मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव की तस्वीरें हैं, जबकि अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव की बड़ी फोटो लगाई गई है।
पोस्टर का नीचे वाला हिस्सा और भी तीखा
पोस्टर के निचले हिस्से में लिखा गया है—
“जनता जब हुंकार भरे तो महलों की नींव उखड़ती है,
सांसों के बल पर ताज हवा में उड़ती है।
जनमत की रोके राह ‘शाह’ में ताव कहां,
सिंहासन खाली करो कि तेजस्वी सरकार आती है।”
इसमें सीधे-सीधे दावा किया गया है कि तेजस्वी यादव की सरकार आने वाली है।
जदयू ने भी उतारा पोस्टर—‘टाइगर अभी जिंदा है’
SP और RJD के पोस्टर के जवाब में जदयू भी पीछे नहीं रहा।
जदयू नेता रणजीत सिन्हा ने पार्टी कार्यालय के बाहर बड़ा पोस्टर लगाकर लिखा—
➡ “टाइगर अभी जिंदा है”
पोस्टर में नीतीश कुमार को—
- दलित
- महादलित
- पिछड़ा
- अति पिछड़ा
- सवर्ण
- अल्पसंख्यक
—का संरक्षक बताया गया है।
इस पोस्टर पर RJD ने पलटवार करते हुए कहा—
➡ “असली टाइगर तेजस्वी यादव हैं।”
पोस्टर वार ने बढ़ा दी चुनावी गर्मी
मतगणना से पहले पटना की दीवारों और चौराहों पर लगे ये पोस्टर साफ दिखा रहे हैं कि—
- दोनों तरफ आत्मविश्वास चरम पर है
- एग्ज़िट पोल ने चुनावी उत्सुकता बढ़ा दी है
- 14 नवंबर का दिन बेहद नाटकीय हो सकता है
सवाल ये है—सवेरे 9 बजे रुझान आने लगेंगे, तब असल वो टाइगर कौन निकलेगा?


