नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी घमासान, पटना में एनडीए महिला मोर्चा का आक्रोश मार्च

पटना: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में पारित न किए जाने को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के असहयोग के चलते बिल पास नहीं हो सका, जिसके बाद एनडीए ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पटना में एनडीए महिला मोर्चा ने गांधी मैदान से लेकर कारगिल चौक तक आक्रोश मार्च निकाला।

बड़ी संख्या में शामिल हुईं महिलाएं

इस प्रदर्शन में बिहार के विभिन्न जिलों से आईं हजारों महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। चिलचिलाती धूप के बावजूद महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिला। मार्च का नेतृत्व एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने किया, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल रहे।

विपक्ष पर तीखे आरोप

प्रदर्शन के दौरान एनडीए नेताओं ने विपक्ष पर महिला मुद्दों को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। नेताओं का कहना है कि जो दल पहले महिला सशक्तिकरण का विरोध करते रहे, वही अब राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन के असहयोग के कारण महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।

नारेबाजी और तख्तियों के साथ विरोध

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार नारेबाजी की। “महिला सम्मान हमारा अधिकार” और “नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेंगे” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे। कारगिल चौक और आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

नेताओं के बयान

भाजपा नेता श्वेता सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण बिल अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाया जाएगा और संघर्ष जारी रहेगा।

वहीं भाजपा नेता चांदनी पांडे ने विरोध जताते हुए खुद को प्रतीकात्मक रूप से जंजीरों में बांधकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह जंजीरें उस सोच का प्रतीक हैं जो महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकना चाहती है।

एक अन्य नेता शीला सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में अधिक भागीदारी देने की बात की है, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह बिल आगे नहीं बढ़ पाया।


सियासत तेज, बयानबाजी जारी

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। एनडीए और महागठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और महिला आरक्षण को लेकर मुद्दा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।


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