भरत तिवारी एनकाउंटर पर सियासी संग्राम तेज: पप्पू यादव ने बताया ‘आज का भगत सिंह’, JMM ने BJP सरकार को घेरा

भोजपुर: भोजपुर के बिलौटी गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। बिहार से लेकर झारखंड तक इस घटना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष के सहयोगी दल जेडीयू ने जहां दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, वहीं विपक्षी दलों ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

हाल ही में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए 30 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर बिहार सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। खुद एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू ने निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।

पप्पू यादव बोले- ‘भरत तिवारी आज के भगत सिंह’

पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने सोशल मीडिया पर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भरत तिवारी के मामले ने बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने लिखा कि अंग्रेजी हुकूमत ने भी भगत सिंह का एनकाउंटर नहीं किया था, जबकि आज लोकतंत्र में सवाल उठाने वालों को गोली मार दी जा रही है।

पप्पू यादव ने अपने बयान में भरत तिवारी की तुलना शहीद Bhagat Singh से करते हुए कहा कि उन्होंने न्याय के लिए आवाज उठाई और अपनी कुर्बानी दी।

झारखंड मुक्ति मोर्चा का BJP पर बड़ा हमला

इस मामले की गूंज अब पड़ोसी राज्य झारखंड तक पहुंच गई है। Jharkhand Mukti Morcha (जेएमएम) ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर बिहार की बीजेपी समर्थित सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जेएमएम ने कहा कि भरत तिवारी भ्रष्टाचार, अराजकता और सत्ता संरक्षण प्राप्त अपराधों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का काम कर रही है।

जेडीयू ने भी मांगी कार्रवाई

एनडीए की सहयोगी पार्टी Janata Dal (United) ने भी इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर कहीं भी नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई, जबकि परिजन और कई सामाजिक संगठन इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं। घटना के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। भरत तिवारी एनकाउंटर मामला बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

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