बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार का तेज़ी से भाग-दौड़ जारी है। इसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन की तरफ से कुल 15 हेलीकॉप्टर बुक किए गए हैं। इनमें भाजपा ने 9 हेलीकॉप्टर, जबकि जदयू, कांग्रेस और राजद ने दो-दो हेलीकॉप्टर बुक किए हैं।
एनडीए के 11 हेलीकॉप्टर प्रतिदिन उड़ान भर रहे हैं, जबकि महागठबंधन की तरफ से शुक्रवार को पहली बार तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी ने संयुक्त प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया। कांग्रेस के बुक किए गए हेलीकॉप्टर में से एक का इस्तेमाल केवल पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव कर रहे हैं।
हेलीकॉप्टर बुकिंग और खर्च:
- भाजपा के लिए चार सीटर के 3 और आठ सीटर के 6 हेलीकॉप्टर बुक किए गए हैं।
- जदयू और राजद ने चार-चार सीटर हेलीकॉप्टर, जबकि कांग्रेस ने एक चार और एक आठ सीटर हेलीकॉप्टर बुक किया है।
- एक हेलीकॉप्टर पर प्रतिदिन लगभग 10.62 लाख रुपये खर्च होते हैं, जिसमें कम से कम 3 घंटे का उड़ान शुल्क 9 लाख और 18 प्रतिशत GST शामिल है।
उड़ान और सेवा:
- हेलीकॉप्टर प्रचार में न जाने पर भी भुगतान करना होता है, लेकिन हेलीकॉप्टर खराब होने पर भुगतान नहीं करना पड़ता।
- क्रू मेंबर के खाने और रहने की व्यवस्था भी राजनीतिक दलों द्वारा सुनिश्चित करनी होती है।
स्थिति का कहना है:
पटना एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर और नॉन-शेड्यूल फ्लाइट की ग्राउंड लैंडिंग कराने वाली ग्लोबल फ्लाइट सर्विसेज के मैनेजर देवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछली बार के मुकाबले इस बार लगभग डेढ़ गुना अधिक हेलीकॉप्टर उड़ान भर रही है।
इस तरह प्रचार अभियान में हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल राजनीतिक दलों के लिए अब अहम रणनीति बन चुका है, जो बड़े नेताओं के तेज प्रचार और जनता तक पहुंचने में मददगार साबित हो रहा है।


