
नई दिल्ली/मुजफ्फराबाद, 22 मई 2026। भारत की संप्रभुता को गंभीर चोट पहुंचाने वाले और सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाने वाले कतिपय वैश्विक आतंकी सिंडिकेट के खिलाफ सीमा पार एक बहुत बड़ा और विस्मयकारी विचलन पटल पर आया है। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले की साजिश और लॉजिस्टिक विन्यास संधारित करने वाले मोस्ट वांटेड कमांडर हमजा बुरहान की पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के भीतरी प्रक्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी है।
प्रादेशिक और अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों से संकलित विलेखों के अनुसार, यह पूरी सनसनीखेज वारदात पीओके की तथाकथित प्रशासनिक राजधानी मुजफ्फराबाद अंचल के एक मुख्य मार्ग पर लाइव मोड पर घटित हुई। जहां हथियारों से लैस अज्ञात हमलावरों के एक प्रखर दस्ते ने इस खूंखार आतंकी को चारों तरफ से घेरकर गनपॉइंट पर लिया और उसके शरीर को अंधाधुंध गोलियों से पूरी तरह छलनी कर दिया। इस आक्रामक हमले के कारण हमजा बुरहान की घटना स्थल पर ही तड़प-तड़प कर ऑन-स्पॉट मौत हो गई। इस घटना के बाद से पाकिस्तान के गहरे रक्षात्मक विंग और वहां पनाह पाए कतिपय प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के आकाओं के भीतर भारी मानसिक अवसाद, आंतरिक खौफ और सांगठनिक हड़कंप की अवस्थिति साफ तौर पर परिलक्षित हो रही है।
मुजफ्फराबाद कॉलेज के मुहाने पर हुआ सुनियोजित हमला: मौके पर ही ढेर हुआ कमांडर
इस हाई-प्रोफाइल टारगेट किलिंग के धरातलीय विन्यासों की कड़ियों को आपस में जोड़ने पर यह प्रामाणिक तथ्य सामने आया है कि गुरुवार को हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद प्रक्षेप में स्थित एक स्थानीय कॉलेज परिसर के बाहरी द्वारों के समीप संधारित था। वह अपनी पहचान को छुपाकर कतिपय स्थानीय तत्वों के साथ किसी गुप्त सांगठनिक प्रविष्टि के संबंध में संवाद लाइव करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान, पहले से ही उसकी दैनिक गतिविधियों और मोबाइल लोकेशंस की पैनी स्क्रूटनी कर रहे अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों का एक दस्ता अचानक मुहाने पर प्रविष्ट हुआ।
हमलावरों ने पूरी कड़ाई और यांत्रिक सटीकता के साथ अपनी गाड़ियों को रोकते हुए आधुनिक स्वचालित आग्नेयास्त्रों (ऑटोमैटिक वेपन्स) से हमजा बुरहान के ऊपर प्रखर गोलाबारी प्रारंभ कर दी। कॉलेज रोड जैसे व्यस्त इलाके में अचानक हुई इस भारी फायरिंग के कारण वहां मौजूद नागरिकों के बीच भगदड़ मच गई और यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ब्लॉक हो गई। चश्मदीद गवाहों के अनुसार, हमलावरों का प्राथमिक और सर्वोपरि निशाना केवल हमजा बुरहान ही था, इसलिए उन्होंने बेहद करीब से उसकी छाती और सिर को निशाना बनाकर कड़क प्रहार मुकम्मल किए। गोलियों के इस घातक चक्रव्यूह में फंसकर वह लहूलुहान अवस्थिति में सड़क पर गिर पड़ा और कुछ ही पलों के भीतर उसकी सांसें सदा के लिए म्यूट हो गईं। वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर हमलावर अपनी गाड़ियों की गति को तीव्र करते हुए मुजफ्फराबाद की तंग गलियों के रास्ते सुरक्षित रूप से डाइवर्ट हो गए, जिनका सुराग लगाने में स्थानीय पाक जासूसी एजेंसियां अब तक पूरी तरह विफल संधारित हैं।
अरजुमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर: उच्च शिक्षा के झांसे से लेकर आतंकी कमांडर बनने का विलेख
पीओके में मलबे में तब्दील हुए इस खूंखार आतंकी का पुराना आपराधिक और सांगठनिक इतिहास बेहद पेचीदा और राष्ट्रविरोधी विचलनों से भरा रहा है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा तैयार की गई विधिक संचिकाओं के अनुसार, मारे गए इस २३ वर्षीय आतंकी का वास्तविक नाम अरजुमंद गुलजार डार था, जिसे आतंकी गलियारों में मुख्य रूप से ‘हमजा बुरहान’ तथा ‘डॉक्टर’ के कूटनीतिक कोड नामों से जाना जाता था। वह मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अंतर्गत आने वाले रत्नीपोरा अंचल का निवासी था।
इतिहास के विलेखों को खंगाला जाए तो यह प्रामाणिक सत्य पटल पर आता है कि वर्ष 2017 में अरजुमंद गुलजार डार ने अपने परिवार और स्थानीय प्रशासनिक प्रणालियों को कूटनीतिक झांसा दिया था। उसने उच्च शिक्षा प्राप्त करने और डिग्री हासिल करने की बात कहकर विधिक पासपोर्ट के माध्यम से पाकिस्तान के लिए प्रस्थान किया था। परंतु, पाकिस्तान की भौगोलिक सीमा के भीतर कदम रखते ही उसकी आंतरिक चेतना में कट्टरपंथ का विषैला वायरस प्रविष्ट हो गया। वह वहां संचालित हो रहे प्रतिबंधित और अमानवीय आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ के सिंडिकेट से सीधे तौर पर एकीकृत हो गया। अपनी प्रखर क्रूरता और जासूसी नेटवर्क विकसित करने की क्षमता के कारण वह बेहद कम समय के भीतर अल बद्र संगठन का एक मुख्य और कड़क कमांडर विनिर्मित हो गया। भारत सरकार ने उसकी इन खतरनाक गतिविधियों और देश की आंतरिक सुरक्षा को दिए जा रहे गंभीर जख्मों की कड़ाई से स्क्रूटनी करने के उपरांत, वर्ष 2022 में गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत उसे विधिक रूप से एक ‘नामित वैश्विक आतंकवादी’ घोषित कर दिया था।
दक्षिण कश्मीर में युवाओं के ब्रेनवॉश और घाटी में आतंकी नेटवर्क विस्तार का चक्रव्यूह
पाकिस्तान के आतंकी कैंपों और बंकरों के भीतर कप्तानी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर को अल बद्र संगठन के आकाओं द्वारा एक विशेष कूटनीतिक मिशन के तहत वापस जम्मू-कश्मीर की घाटियों में डाइवर्ट किया गया था। कश्मीर अंचल में प्रविष्ट होने के बाद, उसने सुदूर ग्रामीण इलाकों के सीधे-सादे और कनिष्ठ युवाओं को निशाना बनाना शुरू किया। वह आधुनिक इंटरनेट प्रणालियों, एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया चैट्स और गुप्त बैठकों के माध्यम से स्थानीय युवाओं के दिमाग में भारत विरोधी कट्टरपंथ का जहर घोलने के एजेंडे पर लाइव काम कर रहा था।
उसका प्राथमिक उद्देश्य घाटी के युवाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से विच्छेदित करना और अवैध हथियारों के सिंडिकेट से एकीकृत कराकर आतंकी संगठनों में जबरन भर्ती कराना था। हमजा बुरहान ने तकनीकी सर्विलांस से खुद को सुरक्षित (ब्लॉक) रखते हुए दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले से लेकर शोपियां प्रक्षेप के तंग पहाड़ी रास्तों तक अपना एक अभेद्य और सुगठित स्लीपर सेल नेटवर्क फैला रखा था। यह नेटवर्क सीमा पार से आने वाले हथियारों, बारूद के कंसाइनमेंट्स और हवाला पूंजी के विन्यास को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित ठिकाने (सेफ हाउस) हस्तगत कराने का विधिक प्रबंध मुकम्मल करता था, ताकि सुरक्षा बलों की गश्ती टीमों पर घात लगाकर कायरतापूर्ण हमले किए जा सकें।
पुलवामा हमले का खूनी दाग और आदिल अहमद डार के आत्मघाती मॉड्यूल से जुड़ाव
हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर का सबसे घिनौना और खूनी सांगठनिक चेहरा 14 फरवरी 2019 को घटित हुए ऐतिहासिक और दर्दनाक पुलवामा आतंकी हमले के दौरान पटल पर आया था। उस काले दिन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बलों और सीआरपीएफ के वीर जवानों को लेकर गुजर रहे एक विशाल सैन्य काफिले को निशाना बनाया गया था। पुलवामा के अवंतीपोरा प्रक्षेप के समीप, एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक सामग्री (IED) से आकंठ लदे एक असैन्य वाहन को प्रखर गति से दौड़ाते हुए सुरक्षा बलों की मुख्य बस से सीधे टकरा दिया था।
इस वीभत्स और महाविनाशकारी आत्मघाती विस्फोट के कारण देश के 40 जांबाज वीर जवान ऑन-स्पॉट शहीद हो गए थे, जिससे संपूर्ण राष्ट्र गहरे शोक, भयंकर आक्रोश और संवेगात्मक अवसाद की स्थिति में संधारित हो गया था। इस जघन्य हमले की विधिक जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित और संचालित आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ ने ली थी, और आत्मघाती हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में मुकम्मत की गई थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और केंद्रीय जासूसी कप्तानों द्वारा मुकम्मल किए गए गहन वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के विलेखों में यह साफ प्रमाणित हुआ था कि हमजा बुरहान ने अल बद्र के कमांडर के रूप में जैश के इस खूनी मॉड्यूल को बैकएंड से पूरा सांगठनिक और खुफिया इनपुट हस्तगत कराया था। उसने विस्फोटकों की कतरनें जुटाने और आत्मघाती हमलावर आदिल डार की टोह लेने की कड़ियों को आपस में जोड़ा था।
बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद बदला था सुरक्षात्मक विन्यास, अब अज्ञात हमलावरों की जद में आतंकी
पुलवामा के इस कायरतापूर्ण और नृशंस कृत्य का करारा और कड़क जवाब देते हुए भारतीय वायुसेना के जांबाज कप्तानों ने घटना के कुछ ही दिनों के भीतर पाकिस्तान के भीतर घुसकर ऐतिहासिक ‘बालाकोट एयरस्ट्राइक’ को लाइव अंजाम दिया था। भारतीय मिराज विमानों ने खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में संचालित हो रहे जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य प्रशिक्षण शिविरों और बंकरों पर प्रखर बमबारी करते हुए सैकड़ों आतंकवादियों को मिट्टी में मिला दिया था, जिसने पाकिस्तान के रक्षात्मक चक्रव्यूह को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया था। उस अभेद्य सैन्य कार्रवाई के बाद से ही हमजा बुरहान जैसे नामी आतंकी कमांडर भारतीय सेना के हंटर और खुफिया जासूसों की रडार से बचने के लिए कश्मीर घाटी छोड़कर पुनः पीओके और मुजफ्फराबाद के सुरक्षित माने जाने वाले सरकारी ठिकानों के भीतर जाकर छिप गए थे।
परंतु, हालिया समय विन्यास के भीतर पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के कतिपय भीतरी शहरों में भारत विरोधी वांछित आतंकवादियों के खिलाफ अज्ञात हमलावरों द्वारा चलाए जा रहे इस प्रखर और कड़े सफाए के अभियान ने आतंकियों की जीवन प्रत्याशा को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है। मुजफ्फराबाद कॉलेज के मुहाने पर हमजा बुरहान के इस सांगठनिक अंत के बाद, अल बद्र और जैश जैसे प्रतिबंधित सिंडिकेट्स के शीर्ष कप्तानों के पैर पूरी तरह से उखड़ चुके हैं। स्थानीय पुलिस और सैन्य बलों ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच का विलेख दर्ज किया है, परंतु अंचल के नागरिकों के बीच यह कड़ा संदेश लाइव हो चुका है कि मानवता और बेगुनाह जवानों के खून से सने हाथ कभी भी, किसी भी भौगोलिक सीमा के भीतर सुरक्षित संधारित नहीं रह सकते।


