भागलपुर रेलवे स्टेशन पर RPF की बड़ी कार्रवाई, 69 लीटर विदेशी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

भागलपुर, 21 मई 2026। बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भागलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। आरपीएफ पोस्ट भागलपुर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर स्टेशन क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है। कार्रवाई के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि शराब तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक ऑटो को भी जब्त कर लिया गया।

रेलवे स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार स्थित सर्कुलेटिंग एरिया में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार जब्त शराब की कुल मात्रा 69.450 लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 28 हजार 540 रुपये बताई गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उत्पाद विभाग, भागलपुर के हवाले कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार 21 मई 2026 को आरपीएफ भागलपुर को गुप्त सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन क्षेत्र के आसपास अवैध विदेशी शराब की खेप पहुंचाई जाने वाली है। सूचना मिलते ही आरपीएफ ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में उप निरीक्षक पूर्णेंदु कुमार, सहायक उप निरीक्षक राकेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल उत्तम सरकार, कांस्टेबल राज कुमार तथा पीसी अमित कुमार गिरी शामिल थे।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार स्थित सर्कुलेटिंग एरिया में निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध तीन पहिया ऑटो को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान ऑटो के भीतर विभिन्न ब्रांड की विदेशी शराब बरामद हुई। शराब की खेप को देखकर आरपीएफ टीम भी हैरान रह गई।

जांच के दौरान ऑटो से कुल 69.450 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। बरामद शराब अलग-अलग ब्रांड की बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार तस्कर रेलवे स्टेशन क्षेत्र का इस्तेमाल शराब की सप्लाई के लिए कर रहे थे, ताकि भीड़भाड़ और यात्रियों की आवाजाही के बीच आसानी से शराब की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सके।

आरपीएफ ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान केशव कुमार मंडल और सत्याम कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों से शराब तस्करी के नेटवर्क, सप्लाई चैन और अन्य जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद तस्कर लगातार नए-नए तरीकों से शराब की तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं। कभी ट्रेन, कभी बस, तो कभी निजी वाहनों के जरिए शराब की खेप पहुंचाने के प्रयास किए जाते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाई गई है।

रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि हाल के महीनों में भागलपुर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास कई बार अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाए गए हैं। स्टेशन परिसर को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यात्रियों के सामान, वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शराबबंदी कानून लागू होने के बाद बिहार में शराब की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। सीमावर्ती राज्यों से अवैध शराब लाकर बिहार में सप्लाई करने की कोशिशें लगातार होती रही हैं। ऐसे में पुलिस, उत्पाद विभाग और आरपीएफ जैसी एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं।

भागलपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र को लेकर अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका ट्रांसपोर्ट और यातायात की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों की आवाजाही होने के कारण तस्कर भीड़ का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

आरपीएफ की इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में भी रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, पार्किंग एरिया और प्रवेश द्वारों पर विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे।

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जब्त शराब और वाहन को कानूनी प्रक्रिया के तहत उत्पाद विभाग को सौंप दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने भी आरपीएफ की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की तस्करी चिंताजनक है और इस पर लगातार कार्रवाई होनी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि शराब तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई और निगरानी ही ऐसे नेटवर्क को कमजोर कर सकती है। बिहार सरकार और सुरक्षा एजेंसियां भी इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही हैं ताकि राज्य में शराबबंदी कानून को प्रभावी तरीके से लागू रखा जा सके।

आरपीएफ अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध शराब की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित करें। लोगों के सहयोग से ही इस तरह के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

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