गया में बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले सॉल्वर गैंग का खुलासा, लॉज में बना रहे थे नकल की योजना

गया शहर में बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले परीक्षा में धांधली कराने की कथित साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रामपुर थाना क्षेत्र के एक लॉज में कथित तौर पर सॉल्वर गैंग के सदस्य एकत्र होकर परीक्षा में गड़बड़ी की योजना बना रहे थे। पुलिस को इस गतिविधि की भनक लगने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। जैसे ही पुलिस टीम लॉज में पहुंची, वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि गिरोह का मुख्य सदस्य अपने एक सहयोगी के साथ ब्रेजा कार में सवार होकर मौके से भागने लगा।

पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कई थानों की टीम को सक्रिय किया और संभावित रास्तों पर घेराबंदी शुरू कर दी। पीछा करने के दौरान पुलिस ने एक युवक को पकड़ने में सफलता हासिल की, जबकि गिरोह का कथित सरगना भागने में कामयाब हो गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक ब्रेजा कार भी जब्त की है। वाहन की तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद होने की बात सामने आई है। इन दस्तावेजों के मिलने के बाद पुलिस को आशंका है कि गिरोह परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के साथ किसी बड़े फर्जीवाड़े की तैयारी में जुटा था।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, गया के रामपुर थाना क्षेत्र स्थित एक लॉज में कुछ संदिग्ध लोगों के जमा होने की सूचना मिली थी। सूचना में परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी की आशंका भी जताई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम को कार्रवाई के लिए भेजा। पुलिस की टीम जब लॉज पहुंची तो वहां मौजूद संदिग्धों को कार्रवाई की भनक लग गई।

पुलिस के पहुंचने से पहले ही गिरोह के कुछ सदस्य वहां से निकलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान कथित सरगना अपने एक साथी के साथ ब्रेजा कार में सवार होकर फरार होने लगा। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पीछा शुरू किया और आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया।

कई थानों की पुलिस ने की घेराबंदी

फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए सिविल लाइंस, रामपुर और डेल्हा थाना पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर नाकाबंदी करते हुए कार को रोकने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि पुलिस से बचने के प्रयास में कार काफी तेज गति से आगे बढ़ रही थी।

काफी देर तक पीछा करने के बाद पुलिस टीम ने डेल्हा पुल के नीचे करीमगंज इलाके के पास कार को घेरने का प्रयास किया। इसी दौरान कार का शीशा टूट गया। मौके पर पैदा हुई स्थिति का फायदा उठाकर कथित सरगना वहां से निकल गया, लेकिन पुलिस ने वाहन में मौजूद एक युवक को पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद किए गए। इतनी बड़ी संख्या में प्रवेश पत्र मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये एडमिट कार्ड किन अभ्यर्थियों के हैं और उन्हें किस उद्देश्य से एकत्र किया गया था।

एडमिट कार्ड मिलने से बढ़ा संदेह

पुलिस के लिए सबसे अहम बरामदगी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की बताई जा रही है। किसी परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र एक ही स्थान पर मिलना जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या गिरफ्तार युवक और उसके साथियों ने अभ्यर्थियों से संपर्क किया था या परीक्षा में किसी अन्य तरीके से मदद पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क गया के अलावा दूसरे जिलों तक फैला हुआ है या नहीं। इसके साथ ही उन अभ्यर्थियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जिनके एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं। हालांकि, केवल एडमिट कार्ड बरामद होने के आधार पर किसी अभ्यर्थी को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

गिरफ्तार युवक से पूछताछ में सामने आ सकते हैं अहम राज

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके कथित सरगना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

गिरफ्तार युवक की निशानदेही पर रामपुर थाना क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर भी पुलिस कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह भी है कि बरामद एडमिट कार्ड किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचे और परीक्षा में धांधली कराने के लिए किस तरह की योजना तैयार की जा रही थी।

परीक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की सतर्कता बढ़ी

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा से पहले सॉल्वर गैंग की कथित गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं और ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है।

पुलिस की इस कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि परीक्षा से पहले संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की ओर से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो। पुलिस अब यह भी जांच कर सकती है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी किसी परीक्षा में धांधली या फर्जीवाड़े से जुड़े रहे हैं या नहीं।

पुलिस ने फायरिंग से किया इनकार

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गया के एसएसपी सुशील कुमार ने बुधवार रात करीब सवा दस बजे आधिकारिक तौर पर जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों का पीछा करने और घेराबंदी के दौरान पुलिस की ओर से किसी प्रकार की फायरिंग नहीं की गई। घटना के संबंध में सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आने वाली किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील भी की जा सकती है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस पूरे नेटवर्क को लेकर और भी जानकारी सामने आ सकती है। गुरुवार को प्रस्तावित विशेष प्रेसवार्ता में पुलिस की ओर से कार्रवाई, गिरफ्तारी और बरामद दस्तावेजों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।

सरगना की तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार कथित सरगना को गिरफ्तार करना और गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। इसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है, जो इस कथित साजिश में किसी भी रूप में शामिल हो सकते हैं।

गया पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। बड़ी संख्या में एडमिट कार्ड आखिर किसके पास और क्यों पहुंचे, परीक्षा में किस तरह की धांधली की योजना बनाई जा रही थी, गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं—इन सभी बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी और ब्रेजा कार से एडमिट कार्ड की बरामदगी को इस मामले में अहम सुराग माना जा रहा है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस कथित सॉल्वर गैंग के पूरे नेटवर्क और परीक्षा में धांधली की योजना से जुड़े कई और राज खुलने की उम्मीद है।

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