
वाराणसी, 28 अप्रैल 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे के दौरान एक भव्य महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिला आरक्षण और विकास की राजनीति को केंद्र में रखते हुए कहा कि वे “मातृ शक्ति का आशीर्वाद लेने” आए हैं, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
प्रधानमंत्री का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्होंने एक ओर जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक संदेश देते हुए विपक्ष को घेरने का भी प्रयास किया। उनके संबोधन में विकास, महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक रणनीति तीनों का संतुलित मिश्रण देखने को मिला।
“विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है नारी शक्ति”
महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसमें महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति ही इस परिवर्तन की सबसे मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा, “काशी के सांसद के रूप में और देश के प्रधानमंत्री के रूप में मैं एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपके आशीर्वाद का आकांक्षी हूं। यह लक्ष्य है—लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देना। मैं आज मातृ शक्ति से आशीर्वाद लेने आया हूं।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा महिलाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। चाहे उज्ज्वला योजना हो, स्वच्छ भारत मिशन हो या महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की पहल—हर क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है।
महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर हमला
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों के कारण संसद में महिला आरक्षण लागू करने का प्रयास सफल नहीं हो सका।
उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया। लेकिन मैं देश की बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि आपके अधिकार को लागू करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।”
प्रधानमंत्री के इस बयान को आगामी चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा महिला मतदाताओं को साधने के लिए महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
वाराणसी को मिली हजारों करोड़ की परियोजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की 48 पूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
इन परियोजनाओं में प्रमुख रूप से वाराणसी-आजमगढ़ सड़क चौड़ीकरण, कज्जाकपुरा और कादीपुर में रेल ओवरब्रिज, भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और जल जीवन मिशन के तहत 30 ग्रामीण पेयजल योजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, चंद्रावती घाट का पुनर्विकास, सारनाथ क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाएं भी शामिल हैं, जो वाराणसी को सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से और समृद्ध बनाएंगी।
रेल और कनेक्टिविटी को मिला बड़ा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस से पुणे (हडपसर) और अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)—को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इन ट्रेनों के शुरू होने से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही वाराणसी जंक्शन और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला भी रखी गई, जिसमें गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण भी शामिल है।
112 से अधिक नई परियोजनाओं की रखी गई आधारशिला
प्रधानमंत्री ने लगभग 5,300 करोड़ रुपये की लागत वाली 112 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज और जल आपूर्ति योजनाएं, मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, बाजार और कार्यालय परिसर, तालाबों का पुनर्विकास और अस्पतालों का विस्तार शामिल है।
इसके अलावा, यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, रामनगर में 100 बिस्तरों वाला वृद्धाश्रम, सौर ऊर्जा संयंत्र और तिब्बती अध्ययन केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोवा रिग्पा भवन एवं अस्पताल का उद्घाटन भी किया गया।
आर्थिक सहायता और किसानों को लाभ
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दूध उत्पादकों को 105 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस भी ट्रांसफर किया। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक संदेश और रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी निहित था। महिला सम्मेलन के जरिए भाजपा ने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया है।
महिला आरक्षण जैसे मुद्दे को उठाकर पार्टी ने यह संकेत दिया है कि वह महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने के पक्ष में है। वहीं, कांग्रेस और सपा पर हमला कर भाजपा ने विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में लाने की कोशिश की है
वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन और विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ कई संदेश दिए। उन्होंने जहां विकास और महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता बताया, वहीं विपक्ष पर निशाना साधते हुए राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि महिला आरक्षण और विकास के मुद्दे पर भाजपा की रणनीति कितनी प्रभावी साबित होती है। फिलहाल, वाराणसी से प्रधानमंत्री का यह संदेश साफ है कि “विकसित भारत” के लक्ष्य में महिलाओं की भूमिका केंद्र में रहेगी और सरकार इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगी।


