झारखंड राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर! INDIA गठबंधन के पास बहुमत फिर भी कांग्रेस हारी, परिमल नाथवानी ने मारी बाजी

रांची। झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। जहां INDIA गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा, वहीं एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Parimal Nathwani ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया।

राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में Baidyanath Ram ने आसानी से जीत हासिल की, लेकिन दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट मिले, जबकि परिमल नाथवानी को 28 वैध वोट प्राप्त हुए और उन्होंने जीत दर्ज कर ली।

क्रॉस वोटिंग ने पलट दिया पूरा समीकरण

चुनाव परिणाम ने झारखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा के पास 24 विधायक होने के बावजूद नाथवानी को 28 वोट मिले, जिससे साफ संकेत मिला कि INDIA गठबंधन के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।

कुल 81 विधायकों ने मतदान किया। इनमें तीन वोट अमान्य घोषित किए गए, जिनमें दो नाथवानी के पक्ष के और एक कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष का बताया गया। इसके बावजूद नाथवानी जीत हासिल करने में सफल रहे।

कांग्रेस ने सहयोगी दलों पर उठाए सवाल

हार के बाद कांग्रेस खेमे में नाराजगी साफ दिखाई दी। कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों ने पूरी तरह साथ नहीं दिया।

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पार्टी के सभी 16 वोट सुरक्षित रहे और Jharkhand Mukti Morcha ने भी समर्थन दिया, लेकिन अन्य सहयोगी दलों के कुछ वोट इधर-उधर चले गए, जिससे नतीजा प्रभावित हुआ।

जीत के बाद क्या बोले परिमल नाथवानी?

जीत के बाद परिमल नाथवानी ने सभी विधायकों और समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें झारखंड के जनप्रतिनिधियों का विश्वास मिला है और वे राज्य के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे।

उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा नेतृत्व का भी धन्यवाद किया।

JMM उम्मीदवार की आसान जीत

वहीं, जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत के बाद मुख्यमंत्री Hemant Soren, पार्टी नेतृत्व और सभी समर्थक विधायकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत गठबंधन की एकजुटता और जनता के विश्वास की जीत है।

राजनीतिक मायने

इस चुनाव परिणाम ने झारखंड की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर INDIA गठबंधन के पास संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार कैसे हार गए? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान और इस हार के कारणों को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो सकता है।

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